तीनों निगमों को एक करने का प्रस्ताव पास
{नार्थ एमसीडी के निगम पार्षदों को 90 हजार रुपए सैलरी देने का प्रस्ताव {मीटिंग भत्ता 300 से बढ़ाकर 1000 करने का प्रस्ताव
भास्करन्यूज | नई दिल्ली
दोमाह से ज्यादा समय तक विभिन्न समितियों और सदन में चर्चा के बाद उत्तरी दिल्ली नगर निगम के बजट प्रस्तावों को योगेन्द्र चंदोलिया ने संशोधन के साथ मंजूरी दे दी। इसमें वर्ष 2015-16 के संशोधित और 2016-17 के अनुमानित बजट भी शामिल है।
चंदोलिया ने तीनों निगमों को एक कर निगम से लिए गए सभी विभाग निगमों को वापस कर निगम को मजबूत बनाने, तीनों निगमों का कंट्रोल केन्द्र से करने के साथ निगम पार्षदों का प्रति माह 90 हजार रुपए मासिक वेतन, मीटिंग का भत्ता 300 से बढ़ाकर 1000 करने और मीटिंग भत्ते को 1000 रुपए से बढ़ाकर 10,000 करने का प्रस्ताव रखा, जिसे पक्ष और विपक्ष के पार्षदों ने करतल ध्वनी के साथ पास कर दिया। नेता सदन ने दिल्ली सरकार द्वारा उत्तरी निगम पर लगाए गए भ्रष्टाचार का जबाव भी दिया।
पटलपर रखा सभी विभागों का लेखा जोखा
उन्होंनेबजट भाषण में सभी विभागों के आय और व्यय की लेखा सदन के पटल पर रखते हुए कहा कि दिल्ली नगर निगम अधिनियम 1957 (1957 का अधिनियम संख्या 66) (2011 का दिल्ली अधिनियम संख्या 12 द्वारा संशोधित) एवं दिल्ली नगर निगम (संशोधन) अधिनियम 2011 (2011 का दिल्ली अधिनियम संख्या 12) के द्वारा काफी संशोधन किए गए। चूंकि उपरोक्त संशोधन जो कि लगभग 100 से अधिक संख्या में हैं, लागू होने से दिल्ली नगर निगम अधिनियम 1957 जिसके द्वारा दिल्ली नगर निगम को दिल्ली की म्यूनिसिपल गर्वमेंट ऑफ दिल्ली का दर्जा दिया गया था, का मूल चरित्र ही लगभग नष्ट हो गया है। इसलिए केन्द्र से तीनों निगमों को एक कर निगम का राजस्व बढ़ाने के लिए निगमों से दिल्ली सरकार द्वारा दिल्ली परिवहन निगम, डेसू, जलबोर्ड सहित सभी विभाग निगम को वापिस कर मजबूत करने की मांग की। इसके साथ ही निगम का कंट्रोल सीधे केन्द्र के हाथों में करने का प्रस्ताव किया।