‘यूपीए युग’ में सेंसेक्स, सोना, रुपया और क्रूड
6 दिन तक बर्फ में दबे रहे हनुमनथप्पा का इलाज के चौथे दिन दिल्ली में निधन
वो जी उठा, हम बचा नहीं पाए
सैनिक के शव का दर्शन तीरथ जैसा होता है...
नई दिल्ली| ‘तुमजिंदगी से जीते नहीं, पर लड़े तो थे, ये बात कम नहीं कि, तुम जिद पर अड़े तो थे। गम रहेगा हमें कि बचा सके तुम्हें, वर्ना हमें बचाने,वहां तुम खड़े तो थे।’
शहीदलांस नायक हनुमनथप्पा को ऐसी ही श्रद्धांजलि पूरे देश ने दी। सेना का उसूल है- आखिरी दम तक हार नहीं मानना। 33 साल के हनुमनथप्पा ने यही उसूल निभाया। 6 दिन तक सियाचीन में 35 फीट बर्फ के नीचे दबे रहे, पर मौत को पास आने दिया। पर उन्हें बचाने में नाकाम हो गए। गुरुवार दोपहर 11.45 बजे डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। हालत बुधवार रात से ही नाजुक हो गई थी। कई अंगों ने काम करना बंद कर दिया था। सुबह दिमाग में ऑक्सीजन लेवल घटने लगा तो बचने की आस टूट गई। हनुमनथप्पा का शव कर्नाटक के पैतृक गांव ले जाया गया है। शुक्रवार को उनका अंतिम संस्कार होगा।
संबंिधत|पेज12
दिल्ली में सलामी के लिए हनुमनथप्पा का शव बरार स्क्वेयर में रखा गया। वहां तीनों सेना प्रमुखों ने उन्हें सलामी दी।
शहीद हनुमनथप्पा
कवि हरिओम पंवार ने यह कविता वीर को नमन करते हुए भास्कर के पाठकों के लिए भेजी...
जिनबेटों ने पर्वत काटे हैं अपने नाखूनों से,
उनकी कोई चाह नही है दिल्ली के कानूनों से।
जो सैनिक सीमा रेखा पर
ध्रुवतारा बन जाता है,
उस कुर्बानी के दीपक से
सूरज भी शर्माता है।
गर्म दहानों पर तोपों के
जो सीने उड़ जाते हैं,
उनकी गाथा लिखने को
अंबर छोटे पड़ जाते हैं।
उनके लिए हिमालय कंधा देने को झुक जाता है,
कुछ पल को सागर की लहरों का गर्जन रुक जाता है।
उस सैनिक के शव का दर्शन, तीरथ जैसा होता है,
चित्र शहीदों का मंदिर की मूरत जैसा होता है।
उन आंखों की दो बूंदों से, सातों सागर हारे हैं,
जब मेंहदी वाले हाथों ने मंगलसूत्र उतारे हैं।
सोना 215 रु. महंगा होकर 28 हजार 800 रु. प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। यह डेढ़ साल में सबसे ज्यादा है। बाजार में गिरावट के कारण लोग सोने में पैसे लगा रहें। रुपया कमजोर होने से आयात महंगा।
2 वैश्विक बाजार में सुस्ती के कारण आईटी और दवा कंपनियों का बिजनेस प्रभािवत हुआ है। देश में भी मांग नहीं बढ़ रही। इससे मुनाफा घटा। नतीजे बिगड़े।
1 फेड रिजर्व की प्रमुख जेनेट येलेन ने बुधवार को कहा कि वैश्विक अर्थव्यवस्था बिगड़ रही है। अमेरिका पर भी असर होगा। ब्याज दरें बढ़ाने के भी संकेत दिए।
3 एसबीआई का मुनाफा दिसंबर तिमाही में 67% कम रहा। वजह बढ़ता एनपीए। सरकारी बैंकों का एनपीए 40% तक बढ़ गया है। देश के सभी बैंकों के एनपीए का 85% सरकारी बैंकों के हिस्से है।
{एक दिन में 3.4% गिरा बाजार। इस हफ्ते चार दिन में मार्केट कैप 7 लाख करोड़ रु. घट गया।
{बीएसईमें लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 86 लाख करोड़ रु. हुआ।
{4मार्च 2015 के शीर्ष (30,025) से अब तक 20 लाख करोड़ रु. की गिरावट चुकी है मार्केट कैप में।
{आठवीं सबसे बड़ी गिरावट के साथ सेंसेक्स 8 मई 2014 के बाद सबसे निचले स्तर पर। मोदी सरकार के कार्यकाल का भी निचला पायदान है।
{निफ्टी239 अंक, यानी 3.32% गिरकर 6976 पर गया। बाजार में और गिरावट के आसार हैं। निफ्टी 6700 तक जा सकता है।
क्रूड: 26डॉलर प्रति बैरल पर पहुंचा, 13 साल पुरानी कीमत
अमेरिकीक्रूड जुलाई 2014 (106 डॉलर/बैरल) से 70% नीचे है। इंडियन बास्केट 27.72 डॉलर पर है।
रुपया: डॉलरके मुकाबले ढाई साल के निचले स्तर पर पहुंचा
रुपए45 पैसे सस्ता हुआ। एक डॉलर की कीमत 68.30 रु. हाे गई। यह 29 महीने का सबसे निचला स्तर है।
मुंबई| दुनियाके ज्यादातर देशों की आर्थिक स्थिति डांवाडोल है। असर भारत पर भी पड़ रहा है। गुरुवार को शेयर बाजार लुढ़का तो सोना और रुपया भी कमजाेर हुए। तीनों करीब-करीब यूपीए सरकार के समय के स्तर पर पहुंच गए। कच्चा तेल तो 13 साल पुराने भाव पर गया है। यानी यूपीए के शुरुआती दिनों की स्थिति पर। 2003-04 में इंडियन बास्केट क्रूड 28 डॉलर/बैरल पर था।