पठानकोट में एनएसजी से एडवांस थी आतंकियों की टेक्नोलॉजी
नई दिल्ली | पठानकोटहमले के दौरान आतंकियों ने आईईडी में जो टेक्नोलॉजी इस्तेमाल की थी, उसका तोड़ एनएसजी (राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड) के पास नहीं था। इसीलिए आईईडी को निष्क्रिय करने में लेफ्टिनेंट कर्नल निरंजन ईके की जान चली गई। एनएसजी प्रमुख आरसी तायल ने आईईडी की समस्या से निपटने के लिए अंतरराष्ट्रीय सेमिनार को संबोधित करते हुए यह जानकारी दी। उन्होंने कहा, “पठानकोट हमले में आईईडी को निष्क्रिय करने के लिए एसओपी (स्टैंडर्ड ऑपरेशन प्रोसीजर) में जो कुछ था उसका पालन किया गया। लेकिन आतंकियों ने एक नई चीज का इस्तेमाल किया, जो जाने क्यों एसओपी में शामिल नहीं थी।
संभवत: इसी वजह से एनएसजी के होनहार अफसर लेफ्टिनेंट कर्नल निरंजन ईके की जान चली गई।
इससे सबक लेकर हम अपनी एसओपी बदल रहे हैं।’