राज्यपाल अपने हाथ में नहीं ले सकते स्पीकर के अधिकार
नई दिल्ली | सुप्रीमकोर्ट ने गुरुवार को कहा, ‘दलबदल कानून स्पीकर के अधिकार क्षेत्र का विषय है। उससे जुड़े मामले में राज्यपाल की कोई भूमिका नहीं है। स्पीकर के अधिकार राज्यपाल अपने हाथ में नहीं ले सकते।’ अरुणाचल प्रदेश में राष्ट्रपति शासन को चुनौती देने वाली याचिकाओं की सुनवाई कर रही पांच जजों की संविधान बेंच ने यह टिप्पणी की। कहा ‘राज्यपाल की विधानसभा के कामकाज में कुछ भूमिका हो सकती है।
लेकिन दलबदल के प्रावधान से जुड़ी संविधान की दसवीं अनुसूची में उनकी कोई भूमिका नहीं है। लोकतंत्र संविधान की आधार संरचना का हिस्सा है। न्यायपालिका किसी भी गैर लोकतांत्रिक फैसले की समीक्षा कर सकती है।’
जस्टिस जेएस खेहर की अध्यक्षता वाली बेंच में जस्टिस दीपक मिश्रा, मदन बी. लाेकुर , पीसी घोष और एनवी रमन शामिल हैं। अरुणाचल के राज्यपाल जेपी राजखोवा के वकील टीआर अंध्यारिजुना ने दलील दी कि जब स्पीकर राज्य सरकार के प्रभाव में थे। ऐसे में राज्यपाल ने अपने विवेकाधिकार का इस्तेमाल किया जो कि संविधान में अपरिभाषित है।’