जिस कोकून में छिपा रेशम, वह रेशम से भी महंगा
कीड़ेपालने वाले कोकून को उबालकर रेशम निकालने के बाद बचे पानी से कीमती पदार्थ फ्लोरोफोर निकालने की नई खोज हुई है। यह एंटीऑक्सीडेंट दवाओं में इस्तेमाल हो सकता है। फ्लोरोफोर रेशम से काफी महंगा है। 50 ग्राम फ्लोरोफोर की कीमत 8 से 10 हजार रुपए है।
आईआईटी कानपुर के प्रोफेसर मैनाक दास और इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एजुकेशन एंड रिसर्च, कोलकाता के डॉ. सुकांत खुराना अन्य विज्ञानियों एवं शोधकर्ताओं की टीम ने यह रिसर्च किया है।
शहतूत की पत्तियों पर रेशम के कीड़े का लार्वा कोकून में रहता है। 1920 में ही खोज कर ली गई थी कि कोकून फ्लोरोफोर नामक चमकीले पदार्थ का बना होता है। लार्वा इस कोकून में रेशम पैदा करता रहता है। रेशम निकालने के लिए इन कोकून को उबाल दिया जाता है ताकि इसका लार्वा मर जाए और कोकून पानी में घुल जाए और रेशम को निकाल लिया जाए। मैनाक सुकांत की टीम ने पड़ताल की कि क्या पानी में कोकून उबालने पर फ्लोरोफोर रेशम के साथ जाता है। लेकिन रेशम की जांच में फ्लोरोफोर नहीं मिला। फिर पानी के परीक्षण से पता चला कि उसमें अच्छी गुणवत्ता का फ्लोरोफोर है। इसी तरह इसके एंटीऑक्सीडेंट गुणों का परीक्षण किया गया तो यह बेहतरीन किस्म का एंटीऑक्सीडेंट भी निकला। फिर टीम ने गर्म पानी में सोडियम सिलीकेट डालकर गंदे पानी से फ्लोरोफोर को अलग हटा लिया और फिर स्पीरिट (मिथनॉल एथनॉल मिला एल्कोहल) की मदद सोडियम सिलीकेट फ्लोरोफोर को अलग कर लिया। टीम में शामिल डॉ. खुराना ने बताया कि 100 लीटर पानी में जितने कोकून उबाले जाते हैं, उससे करीब 600 ग्राम रेशम निकलता है। इसकी कीमत 6 से 8 हजार रुपए तक उसकी गुणवत्ता के लिहाज से होती है। अब इसी पानी से प्रक्रिया के जरिए 20 से 60 ग्राम तक फ्लोरोफोर भी प्राप्त किया जा सकता है जिसकी कीमत 8 से 10 हजार रुपए तक होती है।
कीट पालकों के लिए प्रक्रिया का नहीं कराया पेटेंट
फ्लोरोफोरनिकाल लेने की प्रक्रिया इंग्लैंड की रॉयल सोसाइटी जर्नल में प्रकाशित हुई है। डॉ. खुराना ने बताया कि प्रक्रिया का पेटेंट नहीं कराया गया है, ताकि कीड़ा पालने वाले फ्लोरोफोर निकाल सकें। फ्लोरोफोर निकालने के लिए रेशम पालने वाले को प्रति 100 लीटर गर्म पानी के लिए 100 रुपए खर्च करने होंगे।फ्लोरोफोर डायबिटीज, हृदयरोगी, बुजर्ग, लंबी बीमारी के बाद स्वास्थलाभ ले रहे लोगों को एंटीऑक्सीडेंट दवा के रूप में दी जा सकती है।