आरटीआई के तहत परीक्षक की पहचान नहीं बता सकते
मुख्यमंत्रियों के अधिकार अपने हाथ में नहीं ले सकते राज्यपाल
सुप्रीमकोर्ट ने कहा, ‘संविधान में मुख्यमंत्री या मंत्रिपरिषद को मिले अधिकारों का इस्तेमाल राज्यपाल नहीं कर सकते। उन्हें संविधान ने सीमित अधिकार दिए हैं। उन्हें अपने अधिकारों का इस्तेमाल लोकतंत्र को बनाए रखने के लिए करना चाहिए।’ कोर्ट ने यह बात अरुणाचल प्रदेश के सियासी संकट को लेकर कही।
जस्टिस जेएस खेहर की अध्यक्षता वाली संविधान बेंच अरुणाचल के संकट से जुड़े मामले में राज्यपालों के अधिकारों की समीक्षा कर रही है। बेंच ने कहा, “मुख्यमंत्री या उनकी सरकार का बहुमत जांचने के लिए राज्यपाल अपने स्तर पर विधानसभा सत्र नहीं बुला सकते। क्या यह सदन के विधायी कामकाज में दखल नहीं है? राज्यपाल उन अधिकारों का इस्तेमाल नहीं कर सकते, जो विशेष रूप से सिर्फ मुख्यमंत्री और उनकी मंत्रिपरिषद को दिए हुए हैं।’
राज्यपाल जेपी राजखोवा के विधानसभा सत्र जनवरी के बजाय पिछले साल दिसंबर में ही बुलाने के फैसले को कांग्रेस नेताओं ने चुनौती दी है।
वहीं, बागी कांग्रेस विधायकों के वकील राकेश द्विवेदी ने कहा, ‘राज्यपाल ने प्रशासनिक मुखिया होने के नाते तय किया कि सदन को बुलाना सही हल होगा।’
अरुणाचल मामले में सुप्रीम कोर्ट ने की सख्त टिप्पणी