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हनुमनथप्पा की हालत नाजुक मदद के लिए आगे आया देश

5 वर्ष पहले
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सियाचिनमें छह दिन बर्फ के नीचे रहने के बाद जिंदा निकाले गए लांसनायक हनुमनथप्पा कोपड़ की जिंदगी की जंग जारी है। हालत नाजुक है। कई अंगों ने काम करना बंद कर दिया है। लेकिन डॉक्टरों और देशवासियों को अब भी चमत्कार की उम्मीद है। जैसे ही उनके अंगों के काम करने की खबर आई, एक महिला और पूर्व सैनिक ने उन्हें किडनी देने की पेशकश कर दी। सेना के बचाव दल ने हनुमनथप्पा को सोमवार को 35 फीट बर्फ के नीचे से निकाला था। मंगलवार से वे दिल्ली के आर्मी अस्पताल में हैं। डॉक्टरों ने बुधवार को मेडिकल बुलेटिन जारी की। इसमें कहा, ‘हनुमनथप्पा की हालत गंभीर है। उनकी किडनी और लिवर ने काम करना बंद कर दिया है। ब्रेन में ऑक्सीजन की कमी है। शेष|पेज4



फेफड़ेनिमोनिया की चपेट में हैं। अगले 24 घंटे उनके लिए अहम होंगे।’





ओआरओपी पर फोटोओपी को प्राथमिकता देते हैं पीएम : ट्वीट या आईसीयू में कैमरे, मोदी पीआर मैन : ट्वीट

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब हनुमनथप्पा को देखने अस्पताल के आईसीयू पहुंचे तो सेना प्रमुख दलबीर सिंह सुहाग के साथ कैमरामैन भी था। इसका वीडियाे सामने आने के बाद पीएम की आलोचना हो रही है। निबरस बावा ने ट्वीट किया, ‘मोदी को आईसीयू में जाते देखा। कोई गाउन या ग्लव्स नहीं। हां-ढेर सारे कैमरे, पीआर मैन, विद जर्म्स।’ मानव ने सवाल किया, ‘आखिर आप लोगों को आईसीयू के नियमाें की अनदेखी करने को क्यों प्रोत्साहित कर रहे हैं।’ एक व्यक्ति ने ट्वीट किया, ‘मोदी जी, यह पागलपन है। जब जवान आईसीयू में जीवन के लिए संघर्ष कर रहा है तब पीआर। यकीनन, आप ओआरओपी की बजाय फोटोओपी को प्राथमिकता देते हैं।’

स्कूल की मदद में रहते थे आगे

हनुमनथप्पाके बारे में प्राइमरी स्कूल के हेडमास्टर एमएफ कराजाजी ने बताया कि वे हमेशा स्कूल की मदद करते थे। पिछले साल ही बच्चों को 250 बेल्ट और टाई बांटी थी। इससे पहले भी वे अपने तरीके से बच्चों की मदद करते थे।

सेना के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, ‘हनुमनथप्पा 2002 को मद्रास रेजीमेंट की 19वीं बटालियन में शामिल हुए थे। उन्होंने शुरुआत से ही चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों को चुना। वे 2003 से 2006 के बीच कश्मीर में आतंकरोधी अभियान में शामिल थे। फिर 2008 से 2010 के बीच स्वेच्छा से 54वीं राष्ट्रीय राइफल्स में सेवा देने की बात कही।

काट दी थी टीवी केबल

जबहिमस्खलन की खबर आई तो हनुमनथप्पा के परिवार के पुरुष सदस्यों ने केबल कनेक्शन काट दिया, ताकि उनकी मां और प|ी कोई बुरी खबर सुन पाएं। जब उनके जीवित होने की खबर मिली तो केबल कनेक्शन जोड़ दिया।

हरिद्वार में महामृत्युंजय जाप

हनुमनथप्पाकी सलामती के लिए देशभर में दुआएं हो रही हैं। उज्जैन और हरिद्वार के गुरुकुल कांगड़ी विवि में छात्रों और शिक्षकों ने यज्ञ महामृत्युंजय मंत्र का जाप किया। दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरू समेत कई शहरों में प्रार्थना सभाएं हुईं।

मैं किडनी, लिवर देने को तैयार : पूर्व सैनिक

लांसनायकको बचाने के लिए उप्र की सरिता उर्फ निधि पांडे और पूर्व सैनिक एसएस राजू सामने आए। लखीमपुर खीरी की निधि ने कहा, ‘मैंने अपने पति से बात कर किडनी देने की इच्छा जताई। उन्होंने मेरा समर्थन किया। जब एक जवान देश के लिए जान दे सकता है तो क्या मैं किडनी भी नहीं दे सकती।’ उधर, मुंबई के एसएस राजू ने कहा, ‘हमें हर हालत में अपने जवान की जान बचानी चाहिए। मैं इसके लिए किडनी, लिवर या कोई भी अंग देने को तैयार हूं।

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