टेरी के अधिकारियों पर कभी दबाव नहीं बनाया : पचौरी
नई दिल्ली | एनर्जीएंड रिसोर्सेज इंस्टीट्यूट (टेरी ) में कार्यकारी उपाध्यक्ष बनाए गए आरके पचौरी ने कहा है कि उन्होंने संगठन के अधिकारियों पर कभी दबाव नहीं बनाया। उन पर यौन शोषण के आरोप लगाने वाली महिला की ताजा याचिका पर वे बुधवार को हाईकोर्ट में जवाब दे रहे थे।
पचौरी ने खुद पर लगे आरोपों को खारिज करते हुए इन्हें “असत्य’, “भ्रामक’ और याचिकाकर्ता महिला और उसके वकील की “कपोल कल्पना’ बताया। जवाब में कहा गया है, “पचौरी ने टेरी या उसके अधिकारियों पर कभी दबाव नहीं बनाया। उनको फरवरी 2015 से जुलाई 2015 तक टेरी से दूर रखा गया था। सेशन कोर्ट की अनुमति से ही वे कार्यालय में प्रवेश कर सकते थे।’ याचिकाकर्ता ने ताजा शिकायत में पचौरी पर यौन शोषण के आरोपों को रफा-दफा करने के लिए संगठन पर दबाव डालने का आरोप लगाया है। इस पर जवाब देने के लिए पचौरी को 28 जनवरी को कोर्ट ने नोटिस भेजा था। इस पर पचौरी ने कहा कि शिकायत का उद्देश्य उनके खिलाफ केस में देरी लाना है।
{हाईकोर्ट के सामने पेश किया जवाब
पचौरी के खिलाफ पहले लगाया था यौन शोषण का आरोप
पचौरीके खिलाफ याचिका दायर करने वाली महिला पूर्व में टेरी में रिसर्च एनालिसिस्ट थी। उसने पचौरी पर यौन शोषण का आरोप लगाया था। इसके बाद पचौरी को संगठन प्रमुख के पद से हटा दिया गया था।