पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

10 बड़े विवाद में रही सरकार

5 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
2014में बनी मोदी सरकार की तरह एक लोकप्रिय सरकार के रूप में उभरी, बड़े-बड़े सपने दिखाकर सत्ता में आई, जनलोकपाल के नाम पर 49 दिनों की सत्ता को त्याग दिया, इसके बाद 70 में 67 सीटें जीतकर 14 फरवरी 2015 को रामलीला मैदान में मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने वाले अरविंद केजरीवाल और उनकी सरकार केन्द्र, एलजी, पुलिस से विवाद के कारण साल भर मीडिया में छाई रही। भ्रष्टाचार करने वालों को जेल भेजने, फ्री वाई-फाई देने, महिला सुरक्षा से लेकर सभी अस्थाई कर्मचारियों को पक्का करने का वादा कर सत्ता में आई सरकार एक साल के अंदर में 10 बड़े विवादों में रही। जिसके कारण आम जनता से लेकर विरोधी पार्टियां भी केजरीवाल सरकार से नाराजगी जताते हुए एक साल के कार्यकाल का सालगिरह पर लेखा-जोखा मांग रही है।

{योगेन्द्र यादव और प्रशांत भूषण को पार्टी से निकाला

{मंत्री की फर्जी डिग्री पर बवाल

{आप की रैली में किसान की आत्महत्या

{भ्रष्टाचार के आरोप में अपने ही मंत्री को हटाया विधायक भी दागदार

{असंवैधानिक निर्णयों से केंद्र सरकार से टकराव

{सफाई कर्मचारियों की तनख्वाह पर हंगामा

{विज्ञापनों के खर्च पर बवाल

{जनलोकपाल पर असहमति

{मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव पर सीबीआई छापे पर हंगामा

{विधायकों की सैलरी में 400 फीसदी की बढ़ोत्तरी

खबरें और भी हैं...