एनएसजी ने 600 कमांडो को वीवीआईपी सुरक्षा से हटाया
नई दिल्ली | आतंकवादरोधी अभियानों की अपनी मूल भूमिका निभाने के लिए एनएसजी ने अपने 600 से अधिक कमांडो को वीवीआईपी सुरक्षा से हटा लिया है। इस स्कीम पर दो साल पहले ही काम शुरू हो गया था। पहली बार इन ब्लैक केट कमांडो का इस्तेमाल पठानकोट एयरबेस पर हुए आतंकी हमले में किया गया।
एलिट फोर्स के लिए तैयार किए गए नए ब्लू प्रिंट के मुताबिक 11वें स्पेशल रेंजर्स ग्रुप (एसआरजी) की कुल तीन में से दो टीमों को वीवीआईपी सुरक्षा ड्यूटी से हटा लिया है। उन्हें आतंकवादी रोधी अभियानों का दायित्व सौंपा गया है। वहीं, स्पेशल एक्शन ग्रुप (एसएजी) जैसी प्राथमिक लड़ाकू इकाइयों की सहायता में लगाया गया है। एनएसजी की कमांडो टीमों को पांच प्रायमरी यूनिट्स में बांटा जाता है। दो एसएजी की, जिनमें सेना से अधिकारी और जवान लिए गए हैं। वहीं, तीन एसआरजी टीमें हैं, जिनमें अर्धसैनिक बलों से जवान लिए गए हैं। प्रत्येक एसआरजी में तीन टीमें हैं। हर टीम में 300 से अधिक कमांडो हैं। एक पूरी यूनिट की अनुमानित संख्या 1,000 कर्मियों की है।