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नेता प्रतिपक्ष पीड़ित उम्मीदवारों के साथ उपराज्यपाल से मिले, की जांच की मांग

5 वर्ष पहले
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दिल्लीअधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड द्वारा पैसा लेकर अयोग्य उम्मीदवारों के चयन और प्रतिभावान उम्मीदवारों को जानबूझकर फेल करने के घोटाले की भ्रष्‍टाचार निरोधक शाखा से जांच की मांग को लेकर नेता प्रतिपक्ष विजेन्द्र गुप्ता पीड़ित उम्मीदवारों के साथ आज उपराज्यपाल से मिले। उनके साथ भाजपा विधायक ओम प्रकाश शर्मा और जगदीश प्रधान भी थे। गुप्ता ने उपराज्यपाल से कहा कि यह घोटाला मध्यप्रदेश के व्यापमं घोटाले जैसा ही है। इसलिए इसकी तुरंत जांच कराकर दोषियों को सजा मिलनी जरूरी है।

गुप्ता ने उपराज्यपाल को भ्रष्टाचार और घोटाले से संबंधित आवश्यक दस्तावेज दिए। पीड़ित उम्मीदवारों, जिनका कि चयन योग्य होने के बाद भी नहीं किया गया है, ने परीक्षा में घोटाले से संबंधित अनेक सबूत और दस्तावेज उपराज्यपाल को सौंपे। उपराज्यपाल ने सभी कागजातों को देखते हुए यह माना कि बोर्ड द्वारा ली गई निरीक्षकों, सहायकों, हेड क्लर्क आदि की ग्रेड-2 (दास कैडर) परीक्षा (पद कोड 90/09) में जमकर धांधली की गई है। इस कारण उन्होंने मामले की जांच भ्रष्‍टाचार निरोधक शाखा से कराने का निर्णय किया।

इस परीक्षा में जिन उम्मीदवारों से बोर्ड के भ्रष्ट अधिकारियों, कर्मचारियों को रिश्वत की अग्रिम धन की प्राप्ति हो गई थी, उनको जान-बूझकर शकरपुर केंद्र में परीक्षा देने के लिए स्थानांतरित कर दिया गया था, ताकि वे खुलकर नकल कर सकें। इसका कारण यह था कि शकरपुर केन्द्र में जैमर नहीं लगे हुए थे। यहां एक ही कक्ष में 41 उम्मीदवारों को नकल करने के लिए एक ही कक्ष में एक साथ बैठाया गया था। परिणामस्वरूप शकरपुर केन्द्र के उम्मीदवारों ने परीक्षा में सर्वोच्च अंक प्राप्त किये। इस धांधली की लिखित शिकायत परीक्षा में अनुतीर्ण किये गये योग्य उम्मीदवारों ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया से की थी।

उपमुख्यमंत्री ने मामले की जांच के लिए दो सदस्यीय समिति गठित की थी। इस समिति ने जांच के बाद धांधली और भ्रष्टाचार की शिकायत को सत्य माना और सरकार से सिफारिश की कि पूरी परीक्षा रद्द करके फिर से परीक्षा कराई जाए ताकि पीड़ित उम्मीदवारों को न्याय मिल सके। सरकार ने परीक्षा रद्द नहीं की और अब उसी परिणामों के आधार पर अयोग्य उम्मीदवारों की नियुक्ति करने जा रही है।

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