राजपथ से जेएनयू तक एबीवीपी का प्रदर्शन
भारत मां का अपमान सहन नहीं करेगा देश: ईरानी
नई दिल्ली | संसदपर हुए हमले के दोषी अफजल गुरु को फांसी दिए जाने के विरोध में जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में हुए प्रदर्शन की निंदा करते हुए मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने आज कहा कि देश कभी भी भारत मां का अपमान सहन नहीं करेगा। जेएनयू घटना के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने संवाददाताओं से कहा, मैं यह कहना चाहती हूं कि आज देवी सरस्वती की वंदना का दिन है और मां सरस्वती हर परिवार को यह आशीर्वाद देती है कि उनके कंठ से जो स्वर निकले वो राष्ट्र को और उन्नत करने के लिए निकलें, उसे और सशक्त करने के लिए निकलें। भारत मां का जयगान हो जयघोष हो। भारत मां का अपमान कभी सहन नहीं किया जा सकता।
इससे पहले ऑल इंडिया प्रिंसिपल्स कॉन्फ्रेंस के दौरान छात्रों की ओर से प्रस्तुत सरस्वती वंदना के बाद अपने संबोधन में ईरानी ने कहा कि वह यह जानकर संतुष्ट हैं कि ऐसे भी शिक्षक हैं जिन्होंने बच्चों को राष्ट्र की वंदना करना सिखाया है ना कि भारत विरोधी नारे लगाना। सम्मेलन का आयोजन शिक्षा के क्षेत्र में कार्यरत आरएसएस से जुड़े संगठन विद्या भारती-अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान ने किया था। विश्वविद्यालय के कुछ छात्रों ने इस सप्ताह के शुरू में समूचे परिसर में पोस्टर चिपका कर अफजल गुरु और मकबूल भट्ट की न्यायिक हत्या के खिलाफ और कश्मीरी लोगों के लोकतांत्रिक अधिकार से लेकर आत्मनिर्णय के अधिकार को लेकर उनके संघर्ष में एकजुटता दिखाने के मकसद से विश्वविद्यालय के साबरमति ढाबा पर लोगों को आमंत्रित किया था, जिसके बाद जेएनयू में यह विवाद हुआ। छात्र संगठन एबीवीपी के सदस्यों ने इस आयोजन का विरोध किया और किसी शिक्षण संस्थान के परिसर में इस तरह के प्रदर्शन ना हों इसके लिए कुलपति को इस बाबत पत्र लिखा, जिसके कारण शांति भंग होने की आशंका के मद्देनजर विवि प्रशासन ने इस प्रदर्शन को रद्द करने का आदेश दिया। मंजूरी नहीं दिए जाने के बावजूद इस तरह का आयोजन कैसे हुआ, इसे लेकर जेएनयू प्रशासन ने पहले ही अनुशासनात्मक जांच शुरू कर दी है और कहा कि आगे कोई कार्रवाई से पहले विवि प्रशासन जांच रिपोर्ट का इंतजार करेगा। भाजपा सांसद महेश गिरी और भाजपा के छात्र संगठन एबीवीपी की ओर से आयोजन के संबंध में शिकायत के बाद दिल्ली पुलिस ने कल अग्यात व्यक्तियों के खिलाफ राजद्रोह का मामला दर्ज किया।
दिल्ली. कार्यक्रमके विरोध में जनपथ पर गुरुवार को प्रदर्शन और नारेबाजी करते अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता।
देशद्रोहियों के खिलाफ सरकार को जरूर कार्रवाई करनी चाहिए : विश्वास
संसदपर हमले के दोषी अफजल गुरु को फांसी पर लटकाने के विरोध में जेएनयू में आयोजित कार्यक्रम को लेकर जहां विवाद फैला हुआ है वहीं आप नेता कुमार विश्वास ने शुक्रवार को कहा कि केंद्र को देशद्रोहियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए और उदाहरण पेश करना चाहिए। विश्वास ने दिल्ली पुलिस पर भी निशाना साधते हुए कहा कि तय लक्ष्य पर कार्रवाई करने में वे बड़ी तेजी दिखाते हैं। उनका इशारा संभवत: आम आदमी पार्टी की तरफ था। पुलिस को जेएनयू के मामले में तेजी से कार्रवाई करनी चाहिए और देशविरोधी तत्वों को हिरासत में लेना चाहिए। विश्वास ने ट्वीट कर कहा, समय गया है कि जिन लोगों ने जेएनयू में भारत विरोधी नारे लगाए या समर्थन किया उन्हें दंडित कर उदाहरण पेश किया जाए... भारतीय कानून में ऐसी गतिविधियों के लिए सजा का प्रावधान है। इन देश विरोधी मानसिकताओं के खिलाफ भारत सरकार को कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। विश्वास ने कहा, दिल्ली पुलिस निश्चित लक्ष्य के खिलाफ तेजी से कार्रवाई करती है उसे जेएनयू मामले और देशद्रोहियों को हिरासत में लेने में तत्परता दिखानी चाहिए। गुरू को फांसी पर लटकाने की बरसी पर जवाहरलाल नेहरू विवि में मंगलवार को कार्यक्रम किया था और उसको फांसी पर लटकाने के खिलाफ नारेबाजी की गई जबकि विवि प्रशासन ने एबीवीपी की शिकायत पर कार्यक्रम के आयोजन की अनुमति रद्द कर दी थी।
स्मृति ईरानी।