परिजनों और दीप्ति के बयानों में भारी विरोधाभास
गुड़गांवस्थित स्नैपडील में काम करने वाली आईटी इंजीनियर दीप्ति सरना का पानीपत पहुंचने से लेकर कई बातें रहस्यमयी लग रही हैं। पुलिस के मुताबिक दीप्ति और उसके परिजनों के बयानों में भारी विरोधाभास है। एसएसपी धर्मेंद्र सिहं का कहना है कि दीप्ति ने कहा है कि बदमाशों ने किराए के लिए दीप्ति को सौ रुपए दिए थे और खाने में उसके पसंदीदा चिप्स सेब भी दिए थे। वहीं दीप्ति के पिता नरेंद्र सरना दोनों ही बयानों को साफतौर पर मुकर गए है।
पूछताछ के बाद भी सौ से अधिक पुलिस कर्मियों टीम पुलिस तो अपहरणकर्ताओं का पता लगा सकी और ही उस ऑटो और आई 10 कार के बारे में कोई जानकारी हुई, जो कथित अपहरण के दौरान इस्तेमाल की गई। बदमाशों ने एक युवती को चाकू की नोक पर ऑटो से उतारा था। उक्त युवती ने मेरठ रोड तिराहे के पास खड़े एक अन्य ऑटो चालक हामिद को दीप्ति के अपहृत होने की जाने की जानकारी दी थी। जिसके बाद हामिद ने ही पीसीआर को मौके पर बुलाया था। हामिद ने घटना होने की तस्दीक पुलिस से की थी। इसके अलावा पुलिस को दीप्ति के मोबाइल फोन की लास्ट लोकेशन मोरटी गांव के आसपास की मिली थी। इससे यह संकेत मिल रहे हैं कि अपहरणकर्ता उसे मोरटी के जंगल में ले गए। जहां से उसे पैदल ले जाया गया और फिर उसे आई 10 कार में बंधक बनाकर किडनैपर हरियाणा की ओर ले गए। दीप्ति ने ट्रेन में जिस वृद्ध रेल यात्री के मोबाइल फोन से अपने भाई को कॉल की थी, उस नंबर पर पुलिस ने बात की और तस्दीक हुआ कि दीप्ति ने सोनीपत के आसपास से ही ट्रेन के सफर के दौरान कॉल की थी, जबकि दीप्ति ने कॉल पानीपत से करने के बारे में बताई थी।
जांच टीम यह पता कर रही है दीप्ति हरियाणा कैसे पहुंची और उसका मोबाइल फोन, लैपटॉप और कैश कहां गायब हो गया। बदमाशों ने दीप्ति से आई 10 कार ड्राइव करने को कहा और उससे दो नहर भी तैर कर पार कराई यह बात पुलिस के गले बिलकुल नहीं उतर रही है। दीप्ति ने अपने बयान में पुलिस को बताया है कि साथ ही बदमाशों ने अपनी पिस्टल भी उसके हाथ में दी थी। पुलिस की टीम दीप्ति के ऑफिस दोस्त सर्किल में भी बात कर गुत्थी सुलझाने के लिए छानबीन में जुटी है।
गाजियाबाद स्थित अपने घर पर परिजनों के साथ दीप्ति।