केंद्र कर रहा दिल्ली पुलिस का भगवाकरण : सिसोदिया
केन्द्र ने उपराज्यपाल पुलिस एसीबी के माध्यम से सरकार को रोकने का किया प्रयास
भास्करन्यूज | नई दिल्ली
आपसरकार के एक वर्ष पूरा होने पर दिल्ली के उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने केंद्र की भाजपा सरकार पर कड़ा हमला किया है। उन्होंने केंद्र सरकार पर दिल्ली पुलिस का भगवाकरण करने का गंभीर आरोप लगाया है।
अरविंद केजरीवाल सरकार का एक वर्ष पूरा होने पर एक बार फिर सिसोदिया ने केंद्र पर प्रहार करते हुए कहा है कि उपराज्यपाल, पुलिस और एसीबी के माध्यम से तथा तबादलों और तैनातियों पर कब्जा करके केंद्र ने दिल्ली सरकार को काम करने से रोकने के लिए घटिया रणनीतियों का सहारा लिया है। दिल्ली पुलिस पर सिसोदिया ने बसंत कुंज के रेआन पब्लिक स्कूल में छह वर्षीय बच्चे की मौत, सरकारी स्कूल के एक शिक्षक को बुरी तरह से पिटाई में अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं करने को लेकर निशाना साधा है। सिसोदिया ने कहा कि इसके अलावा, बलात्कार और हत्या के कई अपराध हुए हैं लेकिन पुलिस किसी भी हत्यारों को भी नहीं पकड़ रही है। इसके उलट दिल्ली पुलिस अपनी पूरी ताकत एक विधायक को पकड़ने में झोंक रही है, जिसका अपनी प|ी से झगड़ा है। दिल्ली पुलिस उस विधायक को पकड़ने में अपनी ताकत झोंक रही है जिसका अधिकारियों से झगड़ा हुआ। सिसोदिया ने कहा कि केन्द्र सरकार के इशारे पर दिल्ली पुलिस ने आप के एक साल के कार्यकाल में अब तक दंगा करने, घरेलू हिंसा और धोखाधड़ी सहित विभिन्न आरोपों में पार्टी के छह विधायकों को गिरफ्तार कर पार्टी की छवि पब्लिक के बीच खराब करने की कोशिश की है।
सिसोदिया ने आरोप लगाया कि खाकी का बहुत ज्यादा भगवाकरण किया जा रहा है। ऐसा किसी और राज्य में पहले नहीं किया गया है। दिल्ली पुलिस के कर्मी अपनी जान की कुर्बानियां देकर सम्मान पाते हैं, लेकिन केंद्र दिल्ली पुलिस का भगवाकरण कर रही है। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि आप सरकार के लिए सबसे बड़ी चुनौती भाजपा नीत केंद्र सरकार के रवैये से निपटना है। केंद्र दिल्ली विधानसभा चुनाव में भाजपा को नहीं चुनने का बदला दिल्लीवासियों से ले रहा है। केन्द्र ने सरकार को विफल करने के लिए दिल्ली को भ्रष्टाचार मुक्त बनाने के प्रयासों को बिगाड़ने के लिए भ्रष्टाचार निरोधक शाखा हमसे छीन ली। केंद्र नौकरशाहों के तबादले और तैनातियों को भी नियंत्रित करने की कोशिश कर इसके जरिए हमें काम नहीं करने देना चाहती है। यहां तक की केन्द्र दिल्ली सरकार को महिला सुरक्षा पर भी काम नहीं करने देना चाहती है। उपराज्यपाल बहुमत से आई सरकार के आदेशों को अवैध घोषित कर रहे हैं और वे हमारे अधिकारियों को सरकार के आदेशों का पालन नहीं करने के लिए धमका रहे हैं। सिसोदिया ने आरोप लगाया कि केंद्र दिल्ली पुलिस को नियंत्रित करना चाहता है क्योंकि उसे डर है कि अगर पुलिस को दिल्ली की चुनी हुई सरकार को सौंपा जाता है तो राष्ट्रीय राजधानी में मादक पदार्थ सहित कई गिरोह नष्ट हो जाएंगे।