देवदासी पर अमल करें राज्य, केंद्रशासित प्रदेश : सुप्रीम कोर्ट
नई दिल्ली | सुप्रीमकोर्ट ने देवदासी प्रथा को अवांछित और अनुचित बताया है। साथ ही सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को केंद्र की एडवायजरी पर अमल करने के निर्देश दिए। ताकि युवतियों को देवदासी बनने के लिए बाध्य किया जाए। जस्टिस एफएमआई कलीफुल्ला और एसए बोबड़े की बेंच ने केरल के एनजीओ एसएल फाउंडेशन की जनहित याचिका पर यह निर्देश जारी किए। गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेश को 22 दिसंबर को यह एडवायजरी जारी की थी। देवदासी उन महिलाओं को कहा जाता है, जिनकी शादी भगवान से करा दी जाती है। फिर उनकी जिंदगी पूरी तरह मंदिरों को समर्पित हो जाती है। कई मामलों में वह यौन शोषण का शिकार भी होती हैं। कर्नाटक और महाराष्ट्र जैसे राज्यों ने इस प्रथा पर पूरी तरह रोक लगाने के लिए कानून लागू किए हैं।