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स्वराज इंडिया के दबाव में आरबीआई ने बदला फैसला: योगेंद्र यादव

5 वर्ष पहले
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नोटबंदी पर आप का हमला जारी, मुख्यमंत्री ने शाम को निवास स्थान पर की प्रेस कांफ्रेंस, कहा-

वेतन वृद्धि की फाइल एलजी के पास, नहीं दी अप्रूवल: सीएम

सीधा जवाब दें, हर आरोप एलजी-पीएम पर मत मढ़ें: टीचर्स

देशवासियों से माफी मांगें मोदी: आशुतोष

मोदी के खिलाफ जांच के लिए गठित हो एसआईटी

दिल्लीसरकार की ओर से अपनी उपलब्धियां गिनवाने और गेस्ट टीचर्स की सैलरी बढ़ाने की घोषणा पर वाहवाही लूटने के लिए बुधवार को छत्रसाल स्टेडियम में किया गया आयोजन सरकार पर ही उलटा पड़ गया। सीएम केजरीवाल गेस्ट शिक्षकों से सीधा संवाद करने के लिए पहुंचे थे। सरकार की ओर से अपनी उपलब्धियां गिनवाई जा रही थीं। इसी बीच गेस्ट शिक्षकों ने पूछ लिया कि आपने जो सैलरी बढ़ाने या दोगुनी करने की घोषणा की है। वह सैलरी हमें कब से मिलने लगेगी? इस सवाल के जवाब में जब यह बताया गया कि फाइल एलजी के पास भेज दी गई है। फाइल पर मंजूरी मिलने के बाद वेतन बढ़कर मिलने लगेगा। सीएम से यह जवाब सुनकर गेस्ट टीचर्स बिफर पड़े और सरकार पर वादाखिलाफी के आरोप लगाए। गेस्ट टीचर्स ने कहा कि आपने चुनाव से पहले हमें परमानेंट करने की बात कही थी, लेकिन आज तक परमानेंट नहीं किया। एलजी के पास फाइल भेजे जाने के जवाब पर टीचर्स ने कहा कि हर बात को आप एलजी या पीएम मोदी के सिर क्यों मढ़ देते हैं। अगर वेतन बढ़ाने पर अप्रूवल नहीं मिली तो पहले घोषणा क्यों की? क्या पंजाब चुनाव और केवल राजनीतिक लाभ पाने के लिए ही इस तरह की घोषणा आप लोग करते हैं। इसके बाद केजरीवाल, मंत्री पार्टी के नेता जैसे ही स्टेडियम से बाहर अपनी गाड़ियों में जाने लगे तो गेस्ट टीचर्स ने उनका घेराव कर सड़क पर जाम लगा दिया। इस दौरान टीचर्स पर वाटर कैनन से पानी की बौछारें कर हल्का बल प्रयोग कर उन्हें हटाया गया। भीड़ तितर-बितर होने पर सीएम और मंत्रियों को जैसे-तैसे सुरक्षा कर्मियों ने बाहर निकाला।

केजरीवाल के खिलाफ प्रदर्शन करते गेस्ट टीचर्स।

गेस्ट टीचर्स की मांग पर विचार के लिए हाईलेवल कमेटी का गठन

नईदिल्ली | गेस्टटीचर्स की मांगों पर विचार के लिए दिल्ली सरकार ने हाईलेवल कमेटी बनाई है। कमेटी का प्रमुख प्रिंसिपल सेक्रेट्री फाइनेंस को बनाया गया है। कमेटी मुख्य रूप से गेस्ट टीचर्स के लिए फिक्स सैलरी, मैटरनिटी लीव और महीने में एक कैजुअल लीव जैसी मांगों पर विचार करेगी। सीधे संवाद में सीएम केजरीवाल और शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया की मौजूदगी में गेस्ट शिक्षकों ने अपनी मांगे रखी थीं। शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने ट्विटर पर लिखा कि अभी तक इस फाइल पर मंजूरी नहीं मिली है। पूरी कोशिश है कि मंजूरी जल्द से जल्द मिल जाए।

नई दिल्ली | नोटबंदीको लेकर आम आदमी पार्टी का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर लगातार हमला जारी है। आप ने नोटबंदी को देश की अब तक की सबसे बड़ी कॉमेडी बताया है। इस मामले में लोगों को हो रही दिक्कत को लेकर आप ने प्रधानमंत्री से देशवासियों से माफी मांगने की मांग की है। आप नेता आशुतोष ने बुधवार को प्रेस कांफ्रेंस के दौरान कहा कि यह बहुत हैरानी की बात है कि अब प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री दलील दे रहे हैं कि बैंक वाले नहीं मान रहे हैं। आप नेता ने कहा कि बीते सोमवार को आरबीआई से फैसला आया कि 5 हजार से ज्यादा पुराने 500 और 1000 के नोट जमा करने में स्पष्टीकरण देना होगा। ताज्जुब की बात यह है कि वित्त मंत्री ने मंगलवार को कहा कि अब जनता को 5000 रुपए मामले पर दिक्कत नहीं होगी, लेकिन अब बैंकर कह रहे हैं कि हमें लिखित आदेश चाहिए। अब तो भाजपा के दोस्त चंद्र बाबू नायडू ने भी इस पर सवाल उठाया है। वेनेजुएला में 1 आदमी की मौत हुई, तो वहां की सरकार ने नोटबंदी का निर्णय वापस ले लिया। आप नेता दिलीप पाण्डेय ने कहा कि मोदी जी के 50 दिनों के वादे का आज से काउंटडाउन हो गया है। उन्होंने कहा कि फरीदाबाद और नोएडा में बड़े पैमाने पर लोग बेरोजगार हो चुके हैं। देश में काफी बड़ा मजदूर तबका नकद इकॉनामी के इर्द-गिर्द काम करता है।

कपिल मिश्रा ने अरुण जेटली पर की विवादित टिप्पणी

नई दिल्ली | दिल्लीके जल एवं पर्यटन मंत्री कपिल मिश्रा ने केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली पर विवादित टिप्पणी की है। मिश्रा ने मंगलवार को अरुण जेटली द्वारा दिए गए बयान पर हमला करते हुए ट्विटर पर भड़ास निकाली। इसके बाद लोगों ने भी उनके खिलाफ हमला किया।

नई दिल्ली | स्वराजइंडिया के अध्यक्ष योगेंद्र यादव ने बुधवार को ट्वीट कर दावा किया कि उनकी मांग के बाद ही रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने बैंकों में 20 दिसंबर से 5000 से अधिक नोट नहीं जमा करने वाला फैसला वापस लिया। योगेंद्र ने मंगलवार को ट्वीट किया था कि वह प्रतिबंध के बावजूद पुराने नोट बैंक में जमा कराने गए थे। प्रधानमंत्री, वित्त मंत्री और आरबीआई ने आश्वस्त किया था कि बैंकों की ओर भागने की जरूरत नहीं है। किसी भी तरह के जमा के लिए 30 दिसंबर की तारीख दी गई थी। मैंने उनपर भरोसा किया। वह भीड़ छंटने का इंतजार कर रहे थे। योगेंद्र यादव के इस ट्वीट को 7545 लोगों ने रिट्वीट किया। उनकी प|ी मधुलिका बनर्जी पुराने नोट जमा कराने यूको बैंक गई थीं। यादव ने बैंक को अपने स्पष्टीकरण में कहा, ‘मैंने आठ नवंबर के बाद से अपने खाते में नकदी जमा नहीं कराई। इसके लिए अब जमा करने पर मुझे किसी तरह के स्पष्टीकरण देने की जरूरत नहीं लगती। इसके बाद उनके पुराने नोटों को बैंक ने जमा कर लिया था।

हेडलेसचिकन है ‘आरबीआई’

स्वराजइंडिया के वरिष्ठ नेता प्रशांत भूषण ने ‘आरबीआई’ को हेडलेस चिकन बताया है। उन्होंने रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया का नाम बदलकर ‘रिवर्स बैंक ऑफ इंडिया’ करने का सुझाव दिया। कहा कि अब हमें दिख रहा है कि आरबीआई के पूर्व चेयरमैन रघुराम राजन को हटाने का भारी नुकसान झेलना पड़ा।

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