टेरी विवाद: पचौरी के विरोध में 350 पूर्व छात्र आगे आए
नई दिल्ली | टेरी(ऊर्जा और शोध संस्थान) के पूर्व छात्रों ने संस्थान से आरके पचौरी को हटाने की मांग की है। उन्होंने पचौरी को बेमियादी छुट्टी पर भेजने को नाकाफी बताया। यूनिवर्सिटी के 350 छात्रों की ओर से जारी बयान में कहा गया, \\\"हमने पचौरी को हटाने या सस्पेंड करने की मांग की थी, लेकिन गवर्निंग काउंसिल ने उन्हें सभी पदों से पेड लीव (वेतन के साथ छुट्टी) पर भेज दिया। छुट्टी पर रहने के बावजूद वे यूनिवर्सिटी से जुड़े रहेंगे। इसलिए, हम अपना विरोध जारी रखेंगे। और जरूरत पड़ी तो सरकार से हस्तक्षेप की भी मांग करेंगे।\\\' गौरतलब है कि पचौरी पर उनकी सहकर्मी महिला ने यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था, जिसके बाद उन्हें टेरी प्रमुख के पद से हटा दिया गया था। ये मामला अदालत में है। इस बीच टेरी की गवर्निंग काउंसिल ने हाल ही में उन्हें संस्थान का कार्यकारी उपाध्यक्ष बना दिया, जिसका जोरदार विरोध किया जा रहा है।
इसे देखते हुए गवर्निंग काउंसिल ने शुक्रवार शाम उन्हें सभी पदों से बेमियादी छुट्टी पर भेज दिया।
टेरीको विवादों से बाहर लाना प्राथमिकता : अशोक चावला
नई दिल्ली : टेरीके नवनियुक्त चेयरमैन अशोक चावला ने शनिवार को कहा कि उनकी प्राथमिकता संस्थान को विवादों से बाहर निकालना है। उन्होंने कहा, \\\"\\\"टेरी बहुत जल्द एक ऐसा लोकपाल नियुक्त करेगा, जो कर्मचारियों की इस तरह की शिकायतों को देखेगा।लेकिन पहली प्राथमिकता संस्थान को मौजूदा विवादों से बाहर निकालना है।\\\'\\\'