जेटली का पलटवार, बोले अब पीएम का फैसला अंतिम होता है
नई दिल्ली | मोदीसरकार की आलोचना से तिलमिलाए वित्त मंत्री अरुण जेटली ने पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह पर पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि यूपीए सरकार पॉलिसी पैरालिसिस से जूझ रही थी, एनडीए के कार्यकाल में भारत दुनिया में ‘ज्योतिपुंज’ है। यूपीए के समय नीतियां 24 अकबर रोड स्थित कांग्रेस मुख्यालय में तय होती थीं, एनडीए सरकार में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का फैसला अंतिम होता है। जेटली ने कहा है कि पूर्व प्रधानमंत्री सरकार की आलोचना करने के बजाय कांग्रेस को मशविरा दें तो ज्यादा अच्छा होगा। मनमोहन सिंह ने एक मीडिया समूह के साथ इंटरव्यू में मोदी सरकार की कई बातों को लेकर आलोचना की थी। जेटली ने शनिवार को फेसबुक पर उसका जवाब दिया। अपने ब्लॉग में उन्होंने लिखा, ‘पूर्व राष्ट्रपति और पूर्व प्रधानमंत्री बहुत कम मौकों पर बोलते हैं। जब वे बोलते हैं तो राष्ट्र को ध्यान से सुनना चाहिए। वे राष्ट्र की बुद्धिमत्ता के प्रतीक हैं। उन्हें दलगत भावनाओं से ऊपर उठकर रचनात्मक सलाह देनी चाहिए। जरूरत पड़ने पर उन्हें अपनी पार्टी को भी राष्ट्रीय हित में काम करने के लिए कहना चाहिए।’ मनमोहन ने कहा था कि अर्थव्यवस्था को सुधारने के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाए गए हैं। जवाब में जेटली ने कहा, ‘अगर वह निष्पक्ष रूप से विश्लेषण करें तो महसूस करेंगे कि देश में ऐसी सरकार है जहां प्रधानमंत्री के शब्द अंतिम होते हैं।
अब प्राकृतिक संसाधनों का आवंटन भ्रष्टाचार मुक्त पारदर्शी तरीके से होता है। उद्योगपति फाइलें आगे बढ़वाने या फैसले बदलवाने के लिए नॉर्थ ब्लॉक नहीं आते।
जीएसटीपर हर कांग्रेस नेता से बात की: मनमोहनने कहा था कि सरकार विपक्ष से बात नहीं करती। इसपर जेटली ने कहा, ‘कांग्रेस को छोड़ सभी राजनीतिक दल जीएसटी के समर्थन में हैं। संसदीय कार्य मंत्री और मैं, दोनों ने संसद में कांग्रेस के हर वरिष्ठ नेता से जीएसटी पर बात की। क्या कांग्रेस की जीएसटी रेट को संवैधानिक सीमा में बांधने की मांग राजनीति से प्रेरित नहीं है? डॉ. सिंह को अपनी पार्टी को समझाना चाहिए कि टैक्स की दरों का संविधान में जिक्र नहीं होता है।’