दिल्ली। वेतन और एरियर के मांगों को लेकर राजधानी में 13 दिनों से चल रही सफाई कर्मचारियों की हड़ताल को समाप्त करने को लेकर कर्मचारियों की यूनियनें सोमवार को दाे फाड़ हो गईं। नगर निगमों के सफाई कर्मचारी सोमवार को उच्च न्यायालय में पेश होने के बाद हड़ताल समाप्त करने को लेकर बंट गए हैं।
एक यूनियन हड़ताल को स्थगित कर रहा है वहीं दूसरा जारी रखने के पक्ष में है। संवाददाताओं से संजय गहलोत ने कहा कि स्वतंत्र मजदूर विकास संयुक्त मोर्चा के 38 संघों ने हड़ताल जारी रखने का फैसला किया है जबकि उच्च न्यायालय ने हमसे इसे समाप्त करने के बारे में सोचने को कहा है। उन्होंने कहा कि हमें अदालत में आश्वासन दिया गया है कि सभी कर्मचारियों का वेतन कुछ दिन में दे दिया जाएगा। अदालत ने 10 फरवरी को अगली सुनवाई वाले दिन वेतनवृद्धि के बकाया का भुगतान समेत हमारी अन्य मांगों पर भी विचार करने का फैसला किया है।
दूसरी तरफ एमसीडी कर्मचारियों के संगठन के अध्यक्ष राजेश मिश्रा ने कहा कि हमने अपनी हड़ताल 10 फरवरी तक टालने का फैसला किया है जिसके बाद अगली कार्रवाई के बारे में निर्णय लिया जाएगा। ज्ञात हो कि सोमवार को संयुक्त मोर्चा के आरबी ऊंटवाल के अगुआई में सफाई कर्मचारियों ने उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के खिचड़ी पुर कार्यालय का घेराव करते हुए जोरदार प्रदर्शन किया।
स्वतंत्र मजदूर विकास संयुक्त मोर्चा के अध्यक्ष संजय गहलौत ने सरकार द्वारा निगमों से 75 हजार अनियमित सफाई कर्मचारियों को पक्का नहीं करने अनुबंध पर काम कर रहे नाला बेलदारों को निकालने के आदेश दिए जाने को लेकर 10 फरवरी तक अदालत का आदेश सामने तक प्रदर्शन जारी रखने की बात कहते हुए मंगलवार को दिल्ली सरकार के मंत्री कपिल मिश्रा के घर का घेराव करने की घोषणा किया है।