- इसके पहले, 1 दिसंबर को सुप्रीम कोर्ट ने गोविंदा से संतोष से माफी मांगने को कहा था।
- जस्टिस टीएस ठाकुर की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा था कि- 'गोविंदा एक पब्लिक फीगर हैं, उन्हें ऐसी हरकत नहीं करनी चाहिए थी। रील लाइफ में वो जो काम करते हैं, उसे रीयल लाइफ में उन्हें करने की जरूरत नहीं है।'
- बेंच ने गोविंदा को अपने रवैये के लिए माफी मांगने के साथ ही कोर्ट से बाहर इस मामले को सुलझाने को कहा था।
- बेंच ने घटना की वीडियो क्लिप देखने के बाद अपना फैसला सुनाया था।
फैसले के बाद गोविंदा ने कहा था- फंडिंग कहां से हो रही है, यह पता करूंगा मैं
- वह (पीड़ित) कहता है कि वह वहां गैरकानूनी तरीके से पहुंचा था। ऐसे लोगों पर नजर रखने की जरूरत है।
- हम लोगों का सम्मान करते हैं, लोगों के दिलों को ठेस नहीं पहुंचाते।
- सुप्रीम कोर्ट का जो कहना है वह हमारे लिए सर्वमान्य है। पर अभी लेटर नहीं मिला है। उसके बाद ही उस पर चर्चा करूंगा।
- दस साल निकल गए, फिर भी यह हो रहा है। सरप्राइज्ड हूं। यह सोचने लायक बात है। फंडिंग कहां से हो रही है, यह पता करूंगा मैं।
क्या कहना था विक्टिम संतोष का था
- 'एक्टर द्वारा थप्पड़ मारे जाने के कारण उसे सरेआम बेइज्जती का सामना करना पड़ा।'
- 'मैं मुंबई एक्टर बनने के लिए आया था। लेकिन थप्पड़ के कारण मेरी बेइज्जती हुई। मैं मानसिक तौर पर परेशान रहने लगा। मेरा करियर चौपट हो गया।'
- 'सात साल बाद सिर्फ सॉरी कहने से काम नहीं चलेगा। कोर्ट चाहता है इसलिए मैं बाहर मामला सुलझाने को तैयार हूं, लेकिन कोर्ट गोविंदा को मुआवजा देने का भी आदेश दे। मैं सिर्फ सॉरी नहीं चाहता।'
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