प्रॉपर्टी के लालच में बेटे ने पिता को भिजवाया पागलखाने, ऑफिस, प्लाट, फ्लैट समेत करोड़ों की संपत्ति

5 वर्ष पहले
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नई दिल्ली. करोड़ों की प्रॉपर्टी के लालच में बेटे ने 68 साल के पिता को पागलखाने भिजवा दिया। बुजुर्ग पागलखाने से भागकर अपने 38 साल पुराने दोस्त राधारमण बंसल के घर जा पहुंचा। लेकिन पुलिस वहां पहुंची और पीटते-घसीटते ले गई। अब दिल्ली की कड़कड़डूमा कोर्ट ने उनके दोस्त को पागलखाने से निकालने का आदेश दिया है। अशोक अब दोस्त राधारमण के साथ रहते हैं। दोस्त को नर्क भरी जिंदगी से निकालने की कहानी, राधारमण की जुबानी...

- राधारमण ने 'भास्कर' को बताया, "अशोक जैन के साथ मेरी दोस्ती 38 साल पुरानी है। उनका फाइनेंस का काम है। ऋषभ विहार में रहते हैं।"
- "उनके पास दिल्ली के कनाॅट प्लेस में 3 ऑफिस, बवाना में प्लाॅट, द्वारका में फ्लैट और ऋषभ विहार में फ्लैट सहित काफी प्रॉपर्टी है।"
- "7 दिसंबर को अशोक बदहवास हालत में मेरे फर्श बाजार स्थित घर पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि वह इहबास पागलखाने से भाग कर आए हैं। उन्हें मदद चाहिए।"
- "अशोक ने बताया कि प्रॉपर्टी के लालच में उनके बेटे सिद्धार्थ जैन और साले ने डाॅक्टर के साथ मिलकर उन्हें पागल साबित करवा दिया और पागलखाने भेज दिया। अशोक ने कहा कि उनका मानिसक संतुलन ठीक है। उन्हें वहां नहीं रहना।"
- "5 दिन रहकर देखा, वहां की जिंदगी नर्क है। इसी बीच, जीटीबी एन्क्लेव थाने से फोन आया। पुलिस ने पूछा कि क्या अशोक जैन मेरे पास हैं। मैंने हां कह दिया।"
कोर्ट ने अशोक को पागलखाने से बाहर निकालने का आॅर्डर दिया
- राधारमण ने कहा, "पुलिस का फोन आने के बाद एक कांस्टेबल और अशोक का बेटा सिद्धार्थ मेरे घर पहुंचे। अशोक को पीटते हुए ले गए और फिर पागलखाने में भर्ती करा दिया। इस पर मुझे बेहद गुस्सा आया।"
- "तय किया कि अशोक को बाहर निकालकर ही दम लूंगा। अगले दिन डीसीपी से मिला। उनसे जांच के लिए कहा, लेकिन कोई मदद नहीं मिली।"
- "फिर कोर्ट में याचिका दायर की। कोर्ट से कहा कि दोस्त अशोक को मैं साथ रखूंगा। वह पूरी तरह ठीक है। परिवार के लोग प्रॉपर्टी के लालच में उन पर अत्याचार कर रहे हैं।"
- "मैं नहीं चाहता कि अच्छे-बुरे वक्त के साथी अशोक पागलखान में दम तोड़ें। कोर्ट ने मेरी गुहार सुनी और 16 दिसंबर को अशोक को पागलखाने से निकालने के आदेश दिए।"
अब बेटा भी पिता को साथ रखने के लिए राजी
- राधारमण के वकील मनीष भदौरिया ने बताया कि अशोक के परिवार वालों ने कोर्ट के सामने इस मामले का निपटारा करने और उन्हें घर ले जाने की अपील की है।
- दिल्ली की कड़कड़डूमा कोर्ट ने डीसीपी और जीटीबी एन्कलेव के एसएचओ को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। कोर्ट ने मध्यस्थता केंद्र के जरिए मामला निपटाने को कहा।
- तब तक वह राधारमण के साथ रहेंगे। मामले की अगली सुनवाई 11 जनवरी को होगी।
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