नई दिल्ली/इलाहाबाद. जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (जेएनयू) में नौ जनवरी को हुई भारत विरोधी नारेबाजी में जमात-उद-दावा चीफ हाफिज सईद का पहलू भी जुड़ गया है। केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा- ‘नारेबाजी को हाफिज सईद का समर्थन है। सभी लोग ऐसे वक्त में राष्ट्र की एकता के समर्थन में सामूहिक स्वर बुलंद करें, सियासत नहीं।’
राजनाथ ने इलाहाबाद में पत्रकारों से चर्चा में कहा कि भारत की एकता और अखंडता पर सवालिया निशान लगाने की किसी भी कोशिश को हमारी सरकार बर्दाश्त नहीं करेगी। ऐसी दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं को राजनीतिक लाभ-हानि के तराजू पर नहीं तौलना चाहिए।
हाफिज सईद को लेकर दिए बयान पर सियासत गरमा गई है। जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि राजनाथ के आरोप गंभीर हैं। उन्हें पूरे देश के सामने इसके सबूत रखने चाहिए। वहीं माकपा नेता सीताराम येचुरी और भाकपा नेता डी. राजा ने भी उनसे सबूत दिखाने की मांग की है।
राजनाथ की यह टिप्पणी सईद के कथित सिलसिलेवार ट्वीट्स के दो दिन बाद आई। जिसमें उसने पाकिस्तानियों को जेएनयू के आंदोलन को समर्थन देते हुए #supportjnu ट्रेंड करने की अपील की थी। यह ट्विटर हैंडल हाफिज सईद का है या नहीं, इसकी पुष्टि नहीं हुई है। इस बीच, दिल्ली पुलिस ने भी हाफिज सईद के कथित ट्वीट के साथ अलर्ट जारी किया है। उसमें कहा गया है कि - “यह जेएनयू और देशभर के छात्र समुदाय को अलर्ट करने के लिए है। देशद्रोही राष्ट्र-विरोधी नारेबाजी के प्रभाव में न आएं। किसी भी तरह की राष्ट्र-विरोधी गतिविधि दंडनीय अपराध है।’
बेटी पर लगाए आरोप निराधार : डी. राजा
भाकपा नेता डी. राजा ने एआईएसएफ लीडर और बेटी अपराजिता का बचाव किया है। उनका नाम भारत-विरोधी नारे लगा रहे जेएनयू छात्रों में लिया जा रहा था। राजा ने कहा- “मैं अपनी बेटी को किसी और से बेहतर जानता हूं। वह ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन की नेता हैं। जो भी एआईएसएफ के इतिहास, विचारधारा और राजनीति को जानता है, वह इस तरह के निराधार, अतार्किक और बकवास आरोप नहीं लगाएगा।’ भाजपा सांसद महेश गिरि ने एक वीडियो पोस्ट कर आरोप लगाया था कि राजा की बेटी अपराजिता भी राष्ट्र विरोधी नारेबाजी करने वालों के साथ थी।
शिक्षकों की अपील, जेएनयू को राष्ट्र विरोधी करार ना दें
जेएनयू विवाद के बीच शिक्षकों ने लोगों से संस्थान को राष्ट्र विरोधी करार न देने की अपील की है। शिक्षकों ने साथ ही दावा किया कि यूनिवर्सिटी का आंतरिक तंत्र पूरी तरह विकृत लग रहा है। संस्थान की स्वायत्ता का आत्मसमर्पण कर दिया गया है। सामाजिक विज्ञान के एक प्रोफेसर ने कहा कि हमने यहां सालों से पढ़ाया है, हमें पता है कि जेएनयू में होना कैसा होता है। हम लोगों से अपील करते हैं कि वे वर्तमान विवाद के इतर देखें और जेएनयू के साथ राष्ट्र विरोधी का विशेषण ना जोड़ें। शिक्षक कन्हैया के समर्थन में हैं। उनका कहना है कि छात्रों ने गलत किया है तो अनुशासनहीनता का मुद्दा है ना कि देशद्रोह का।
7 छात्र जांच समिति के सामने तलब
जेएनयू की उच्च स्तरीय जांच समिति ने 9 जनवरी के कार्यक्रम के सिलसिले में सात छात्रों को तलब किया है। जेएनयू के रजिस्ट्रार भूपिंदर जुत्शी ने कहा कि कन्हैया समेत आठ छात्रों को जांच पूरी होने तक शैक्षणिक गतिविधियों से दूर रखा गया है। वे होस्टल में रह सकते हैं। ताकि जांच समिति के सामने पेश हो सकें। यूनिवर्सिटी ने यह फैसला प्रोक्टेरियल कमेटी की अंतरिम रिपोर्ट के आधार पर लिया है। जांच समिति की अंतिम रिपोर्ट अगले हफ्ते तक तैयार हो जाएगी। जेएनयू छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार पुलिस कस्टडी में है।
राहुल कांग्रेस मुख्यालय में लगाएं आतंकियों की प्रतिमा : नकवी
केंद्रीय मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी की आलोचना की। उन्होंने कहा- ‘यदि राहुल गांधी देश को विभाजित करने वाली मानसिकता का समर्थन करते हैं तो वे कांग्रेस कार्यालय में अलगाववादियों और आतंकवादियों की प्रतिमा स्थापित कर सकते हैं। वे रोज वहां उन्हें पुष्पांजलि अर्पित करें।’ राहुल ने शनिवार को कहा था, ‘संस्थानों की आवाज दबाने वाले लोग सबसे अधिक देशद्रोही हैं। कोई युवा अपनी बात कहता है तो सरकार कहती है कि वह देशद्रोही है।’
कन्हैया को आतंकी मत कहो : मां
छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैया की मां मीना देवी बिहार में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता हैं। कन्हैया के पिता जयशंकर सात साल से लकवे की वजह से बिस्तर पर हैं। मीना ने कहा- देश तो क्या, उसने कभी अपने माता-पिता का अपमान भी नहीं किया। कृपया, मेरे बेटे को आतंकी मत कहिए। वह हो ही नहीं सकता।
क्या एबीवीपी ने लगाए नारे
पुलिस के सामने अब सवाल यह है कि पाक समर्थित नारे कहीं एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने तो नहीं लगाए? दरअसल, सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें एबीवीपी के चार कार्यकर्ताओं को 9 फरवरी के प्रोग्राम में नारे लगाते दिखाया गया है। हालांकि, एबीवीपी ने आरोपों को खारिज किया है।