नई दिल्ली. गाजियाबाद से लापता होने के 36 घंटे बाद स्नैपडील की आईटी इंजीनियर दीप्ति सरना शुक्रवार को पानीपत में मिली। लेकिन उसका केस अभी भी उलझा हुआ है। कुछ ऐसे सवाल हैं जिनके जवाब न तो दीप्ति दे पाई, न ही पुलिस उन्हें ढूंढ पाई। अब तक किसी की गिरफ्तारी भी नहीं हो सकी है। पुलिस का दावा है कि वह इस केस में जल्द नया खुलासा करेगी। 14 महीने से दीप्ति का कोई पीछा कर रहा था, फिर भी पुलिस में नहीं हुई शिकायत...
#1. कब लापता हुई थी दीप्ति?
- गाजियाबाद के एसपी सिटी सलमान ताज पाटिल ने dainikbhaskar.com को बताया- दीप्ति दीप्ति बुधवार रात गुड़गांव के स्नैपडील ऑफिस से निकली। रात 8 बजे गाजियाबाद के वैशाली मेट्रो स्टेशन पहुंची।
- वहां से कवि नगर में अपने घर जाने के लिए ऑटो लिया। दो लड़कियां पहले से पीछे बैठी थीं। ऑटो ड्राइवर के साथ दो लड़के आगे थे।
- दीप्ति को मिलाकर ऑटो में 6 लोग हो गए। कुछ देर बाद ऑटो खराब हो गया। दीप्ति दूसरे ऑटो में सवार हुई।
- उसमें भी एक लड़का, एक लड़की पहले से बैठे थे। दीप्ति सहित दो लड़के खराब हो चुके ऑटो से आकर इसमें बैठ गए।
- इन लड़कों को ही किडनैपर माना जा रहा है।
- कुछ दूर चलने के बाद ऑटो में बैठे बदमाशों ने दीप्ति के साथ बैठी दूसरी लड़की को चाकू दिखा कर नीचे उतार दिया। ऑटो राजनगर एक्सटेंशन की तरफ ले गए।
- राजनगर एक्सटेंशन के आसपास काफी देर तक घुमाने के बाद बदमाशों ने दीप्ति हाथ-पैर और आंखों पर भी पट्टी बांध दी।
- इसके बाद उसे एक कार में डाल कर कहीं ले जाया गया। दीप्ति के मुताबिक, कार कई घंटों तक चलती रही, लेकिन आंखें बंद होने की वजह से उसे यह नहीं पता लगा कि बदमाश उसे कहां ले जा रहे हैं।
- दीप्ति का मोबाइल फोन स्विच ऑफ हो चुका था। स्नैपडील के सीईओ कुणाल बहल ने ट्वीट कर बताया था कि उनकी इम्पलॉई किडनैप हो चुकी है।
#2. किडनैपर्स दीप्ति को कहां ले गए?
- बुधवार रातभर कार में घुमाने के बाद अगले दिन इन लोगों ने दीप्ति को गन्ने के एक खेत में रखा।
- इसके बाद गुरुवार रात को भी बदमाश उसे पैदल, कार और बाइक से इधर-उधर घुमाते रहे।
- रातभर घुमाने के बाद बदमाशों ने उसे सुबह पांच बजे के करीब हरियाणा के पानीपत में रेलवे स्टेशन पर छोड़ दिया।
- स्टेशन पर छोड़ते हुए बदमाशों ने उसे 100 रुपए भी दिए।
- दीप्ति इसी स्टेशन से एक ट्रेन में बैठी और दिल्ली के लिए चल पड़ी।
- ट्रेन में ही उसने एक शख्स से फोन लेकर पापा को कॉल किया कि वह पानीपत से दिल्ली आ रही है।
- इसके बाद गाजियाबाद पुलिस और उसके पापा नई दिल्ली स्टेशन पर उसे लेने पहुंचे।
#3. इतनी कहानी लड़की ने बताई तो पुलिस क्यों नहीं कर पा रही भरोसा?
- पुलिस के सूत्रों ने dainikbhaskar.com को बताया कि किडनैपर्स को दीप्ति की पसंद के बारे में पता था। इसीलिए वे वही चिप्स लेकर आए, जो दीप्ति अक्सर खाती है।
- सीनियर पुलिस सुपिरिटेंडेंट धर्मेंद्र सिंह ने कहा, "हमने दीप्ति से जुड़ी कई और जानकारी मांगी है। मैं कह सकता हूं कि इस घटना में कोई ऐसा था जो उसे पहले से जानता था।’
- लड़की दावों पर पहला शक इसलिए हुआ क्योंकि उसने पुलिस पूछताछ के बाद हॉस्पिटल ले जाए जाने के बावजूद वहां मेडिकल कराने से इनकार कर दिया।
- सिंह के मुताबिक, "दीप्ति ने पुलिस को बताया कि किडनैपर्स उससे कह रहे थे कि वे 14 महीने से उसका पीछा कर रहे थे।’
- इससे दूसरा शक इसलिए हुआ कि जब कोई पीछा कर रहा था तो दीप्ति या उसकी फैमिली को शक होना चाहिए था। उन्होंने शिकायत क्यों नहीं की?
#4. पुलिस की थ्योरी क्यों हैं सवालों के घेरे में?
- दीप्ति के पिता नरेंद्र सरना के मुताबिक, बुधवार रात सवा आठ बजे उनकी बेटी से बात हुई थी। उस वक्त वह हिंडन पुल पर थी।
- दीप्ति के पिता फार्मासिस्ट हैं। मेट्रो स्टेशन से ऑटो में बैठने के बाद दीप्ति ने उन्हें फोन किया था।
- कॉल के दौरान अचानक उसने कहा- "ऑटो वाला गलत ले जा रहा है...पापा बचा लो।’ इसके बाद फोन बंद हो गया।
- जबकि पुलिस का कहना है कि किसी जान-पहचान के शख्स ने दीप्ति काे किडनैप किया था।
- पुलिस पर पहला सवाल यह उठ रहा है कि कोई जान-पहचान का शख्स दीप्ति को ले गया था तो लड़की ने अपने पिता से मदद क्यों मांगी?
- पुलिस गाजियाबाद में वैशाली के पास ऑटो चलाने वाले 200 से ज्यादा ड्राइवर्स से पूछताछ कर चुकी है। लेकिन इसके बाद भी किसी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी।
- दीप्ति ने चार लोगों के किडनैपिंग में शामिल होने की बात कही थी लेकिन पुलिस को अभी एक के बारे में भी सुराग नहीं मिला।
- अभी तक दीप्ति का मोबाइल, बैग भी नहीं बरामद किया जा सका है।
- पुलिस का कहना है कि उसने किडनैपर्स को अपना नाम ‘स्नेहा' बताया था। यहां भी सवाल उठा है कि आखिर दीप्ति ने अपना गलत नाम क्यों बताया, जबकि किडनैपर्स के पास उसका बैग था जिसमें उसके आईडी रहे होंगे।
#5. क्यों खुल कर बात नहीं कर रही दीप्ति या उसकी फैमिली?
- बुधवार शाम लापता होने के 36 घंटे बाद दीप्ति शुक्रवार सुबह लौट आई थी।
- लेकिन दीप्ति ने खुलकर पुलिस या मीडिया से बात नहीं की है।
- फैमिली के लोगों ने दीप्ति के थके और परेशान होने का हवाला दिया है।
- दीप्ति का कहना है कि किडनैपर्स उससे कह रहे थे कि उनके बड़े पॉलिटिकल कनेक्शंस हैं।
- दूसरी तरफ वह यह भी कह रही है कि किडनैपर्स ने ही उसे पानीपत रेलवे स्टेशन पर छोड़ा और घर जाने के लिए 100 रुपए भी दिए।
- किडनैपर्स ने क्या उसे कोई नुकसान पहुंचाया या फिरौती मांगी, इस बारे में भी वह अब तक कुछ नहीं बता पाई है।
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