नई दिल्ली. सेक्सुअल हेरेसमेंट के आरोपों का सामना कर रहे टेरी (द एनर्जी एंड रिसोर्स इंस्टीट्यूट) के एक्जिक्युटिव वाइस चैयरमैन आरके पचौरी लंबी छुट्टी पर चले गए हैं। टेरी ने एक बयान जारी कर कहा है कि "डॉक्टर आर के पचौरी जो 1982 से इंस्टीट्यूट के प्रिसिडेंट हैं उन्हें टेरी की गवर्निंग काउंसिल और टेरी यूनिवर्सिटी से फिलहाल छुट्टी पर हैं। उन पर चल रहे कानूनी मामले को देखते हुए गवर्निंग काउंसिल उनकी छुट्टियों की समीक्षा करेगी, तब तक वे छुट्टी पर बने रहेंगे."।
अशोक चावला बने नए चेयरमैन
- अशोक चावला को टेरी गवर्निंग काउंसिल का नया चेयरमैन अपाइंट किया गया है।
- इसके अलावा काउंसिल ने नए डायरेक्टर जनरल अजय माथुर को काउंसिल का मेंबर बनाते हुए पचौरी के सारे कार्यकारी अधिकार उन्हें दे दिए हैं।
- गौरतलब है कि कुछ दिनों पहले ही आरके पचौरी को टेरी का वाइस चेयरमैन नियुक्त किया गया था.
कॉन्वोकेशन में भी नहीं होंगे शामिल
- पचौरी 7 मार्च को होने वाले यूनिवर्सिटी के कॉन्वोकेशन में भी शामिल नही होगें।
- बताया जा रहा है कि स्टूडेंट्स के विरोध को देखते हुए टेरी की गवर्निंग काउंसिल ने पचौरी को लंबी छुट्टी पर भेजने का फैसला किया है।
- टेरी के स्टूडेंट्स ने गुरुवार को कॉन्वोकेशन में पचौरी के हाथों से डिग्री लेने से इनकार कर दिया था।
- 2013-15 बैच के स्टूडेंट्स ने पचौरी का विरोध करते हुए इंस्टीट्यूट के एक्टिंग वीसी राजीव सेठ को लेटर लिखा है।
- पचौरी का विरोध करने वाले ये स्टूडेंट्स एमए, एमबीए, एमएससी और एमटेक कोर्स के स्टूडेंट शामिल हैं।
महिला टीचर्स ने की पचौरी के सस्पेंशन की मांग
- सेक्सुअल हरेसमेंट के केस में फंसे टेरी के पूर्व चेयरमैन आरके पचौरी के खिलाफ महिला टीचर्स ने भी मोर्चा खोल दिया है।
- शुक्रवार को इंस्टीट्यूट के बाहर महिला सदस्यों ने पचौरी के सस्पेंशन की मांग को लेकर प्रोटेस्ट भी किया।
पचौरी पर फिर लगे सेक्सुअल हेरेसमेंट के आरोप
- 'द एनर्जी एंड रिसोर्सिस इंस्टिट्यट'(टेरी) के वाइस चांसलर पचौरी पर सेक्सुअल हरेसमेंट के आरोप लगाने वाली महिला का कहना है कि पचौरी महिला को कथित तौर पर आपत्तिजनक इशारे करते थे।
- महिला का आरोप है कि ‘‘पचौरी उसे ऑफिशियल रुम में काम के बहाने बार-बार बुलाते थे , जबकि वहां ऐसा कोई काम नहीं होता था जिसमें मुझसे चर्चा की जरूरत हो।’’
- आरोप लगाने वाली महिला ने पांच पन्नों का एक लेटर जारी कर ये आरोप सार्वजनिक किए हैं।उसने बताया है कि पचौरी अपने दफ्तर में बुलाकर उसे जबरदस्ती किस करने की कोशिश करते थे। जिससे उसे असहज स्थिति का सामना करना पड़ता था।
- महिला की वकील वृंदा ग्रोवर ने कहा कि उसने पिछले साल फरवरी में पहली बार पुलिस में पचौरी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। इस पर पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की।
- आरोप लगाने वाली महिला साल 2003 में टेरी में शामिल हुई थी और उस वक्त पचौरी डायरेक्टर थे।
- महिला ने आरोप लगाया, ‘‘मैंने ‘सर्विसेज एंड टेरी प्रेस’ के तत्कालीन डायरेक्टर और पचौरी के करीबी कोमोडोर जोशी से शिकायत की। उन्होंने मेरी बात मानने से इनकार कर दिया।
- महिला ने यह भी दावा किया कि जब उसने इस्तीफा दिया तो पचौरी ने उसे धमकी दी कि वह उसे कहीं और नौकरी नहीं करने देंगे।
- गौरतलब है कि पचौरी टेरी की एक अन्य महिला कर्मचारी के यौन उत्पीड़न के आरोपों को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट में पहले से ही एक मामले का सामना कर रहे हैं।
आगे की स्लाइड में: पचौरी के खिलाफ कोर्ट बतौर सुबूत पेश होना चाहती है आरोप लगाने वाली महिला।