नई दिल्ली. पिछले साल जंतरमंतर पर आप के रैली के दौरान किसान गजेंद्र के सुसाइड केस में आप नेताओं को दिल्ली पुलिस ने नोटिस जारी किया है। आप नेता कुमार विश्वास और संजय सिंह को भेजे गए इस नोटिस में मामले की जांच में शामिल होने को कहा गया है।
क्राइम ब्रांच ने भेजा नोटिस
- गजेंद्र सुसाइड केस में दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच जांच कर रही है।
- क्राइम ब्रांच ने ही यह नोटिस आप नेताओँ को भेजा है।
- नोटिस में आप नेताओं से जांच में सहयोग देने की बात कही गई है।
यह है पूरा मामला
- 22 अप्रेल 2015 को दिल्ली के जंतरमंतर पर आम आदमी पार्टी की रैली थी।
- रैली में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल सहित आप के कई बड़े नेता मौजूद थे।
- रैली शुरु होने के कुछ देर बाद ही रैली में शामिल होने राजस्थान के दौसा से आए एक किसान ने खुदुकशी कर ली।
- किसान गजेंद्र ने रैली के दौरान ही वहां लगे एक पेड पर चढ गए और गले में पहने मफलर से फांसी लगाकर सुसाइड कर लिया।
- इस दौरान कई लोग गजेंद्र को बचाने पेड पर चढ़े लेकिन उन्हें जबतक उतारा गया उनकी मौत हो चुकी थी।
- इस मामले में दिल्ली पुलिस ने FIR दर्ज कर क्राइम ब्रांच को इसकी जांच सौप दी थी।
- मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी मामले की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए थे।
आप नेताओं पर गजेंद्र को सुसाइड के लिए उकसाने का है आरोप
भारतीय दंड संहिता की धाराओं 306 (आत्महत्या के लिए उकसाने), 186 (सार्वजनिक कार्यक्रम में लोक सेवक के काम में बाधा डालना) और 34 (साझा इरादा) के तहत संसद मार्ग थाने में FIR दर्ज की गई है।
कौन था गजेंद्र सिंह
गजेंद्र सिंह दौसा के नांगल झमरवदा गांव का निवासी था। उसने हिंदी में एक सुसाइड नोट छोड़ा है जिसमें उसने कहा कि उसके तीन बच्चे हैं और बारिश एवं ओलावृष्टि में फसलें नष्ट होने के बाद उसके पिता ने उसे बेदखल कर दिया। सिंह ने सुसाइड नोट में यह भी कहा कि उसकी जिंदगी में आगे कुछ नहीं बचा है। उसने सुसाइड नोट के आखिर में ‘जय जवान, जय किसान, जय राजस्थान’ लिखा। उसने परिवार का फोन नंबर भी लिखा था।
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