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रासायनिक उर्वरक की खेती बांट रही दो पीढ़ियों तक का कैंसर

6 वर्ष पहले
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नई दिल्ली. फल और हरी सब्जियां अच्छी सेहत के लिए जरूरी हैं, लेकिन यही सब्जी और फल अगर रासायनिक उर्वरक का इस्तेमाल कर उगाई गई हैं तो, जान लीजिए की इसके सेवन से आप दो पीढ़ियों तक बीमारियों की चपेट में आ चुके हैं।
देश भर के किसान फसलों की कीटों से रक्षा के लिए डीडीटी, एल्ड्रिन, मैलाथियान एवं लिण्डेन जैसे खतरनाक कीटनाशकों का उपयोग कर रहे हैं। इनसे फसलों के कीट तो मरते हैं, साथ ही पक्षी, तितलियां फसल और मिट्टी के रक्षक कई अन्य जीव भी नष्ट हो रहे हैं।

कीटनाशकों के अंश अन्न, जल, पशु और हम मनुष्यों में आ गए हैं। फसल पर कीटनाशकों के छिड़काव का मानव शरीर पर असर जानने के लिए जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय में हुए शोध से पता चला है कि कीटनाशक मनुष्य शरीर में कैंसर रोग को जन्म दे रहे हैं।
यह मानव शरीर में हार्मोन, प्रोटीन सेल और डीएनए तक पर प्रहार कर उन्हें क्षति पहुंचाते हैं और उनका रूपांतरण करते हैं। इसी का नतीजा है कि शरीर में जल्दी थकावट, संक्रामक बीमारियों का तेजी से फैलना कम उम्र से पहले बुढ़ापे के लक्षण नजर आने लगते हैं। जेएनयू स्पेशल सेंटर फोर मॉलिक्यूलर मेडिसन में वरिष्ठ प्राध्यापक प्रो. डा. राकेश त्यागी बताते हैं कि हमने कैंसर की वजह जानने के लिए मानव शरीर में हार्मोन प्रभाव पर रिसर्च की। इसमें देखा गया कि मानव शरीर में प्रोटीन सेल की चेन को एंड्रोक्राइम डिसरेप्टर्स (पेस्टीसाइड छिड़काव से बने सब्जी व फल खाने से शरीर में पहुंचता है) अपनी परत से ढक लेता है।
इसके जमा होने से शरीर में मोटापा बढ़ता है। जब वजन घटता है तो यह एंड्रोक्राइम अति सक्रिय हो जाते हैं। यह पुरुष में एंड्रोजन और महिलाओं में एस्ट्रोजन यानि ग्रोथ हार्मोन को प्रभावित करते हैं। इसलिए देश में लोगों की लंबाई कम हो रही है, वह सुस्त और कमजोर नजर आ रहे हैं। रिसर्च में डा. नागेंद्र चतुर्वेदी और डा. संजय कुमार की भी अहम भूमिका रही है।
एचआरटी भी बन रहा कैंसर का कारण
प्रो. त्यागी बताते हैं कि रिसर्च में यह तथ्य भी सामने आए कि अक्सर 40 साल की उम्र के बाद व्यक्ति शरीर के कमजोर होते हार्मोन्स के ट्रीटमेंट के लिए एचआरटी (हार्मोन रिप्लेसमेंट थैरेपी) कराते हैं, जिससे वह फिर से यौवन और युवा शक्ति के अहसास को पा सकें। लेकिन इसका असर कुछ समय के लिए कारगर रहता है। क्योंकि शरीर से जो हार्मोन बन रहे हैं, वह भी अपना काम कर रहे होते हैं। ऐसे में शरीर में ज्यादा हार्मोन होने से ब्रेस्ट कैंसर या आंत का कैंसर तेजी से फैलता है।