पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

दिल्ली पुस्तक मेला : अनुवाद के जरिए टूट रही है साहित्य में भाषा की दीवार

6 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
नई दिल्ली। सीमित भाषाई ज्ञान अब साहित्य प्रेमियों के लिए बाधा नहीं बनेगा। विभिन्न भाषाओं में प्रकाशित साहित्य अब पुस्तक प्रेमियों को अपनी भाषा में पढऩे के लिए उपलब्ध होगा। दिल्ली में 14 से 23 फरवरी, 2015 तक आयोजित होने वाले पुस्तक मेले में शामिल होने वाले तमाम प्रकाशकों ने हिंदी और अंग्रेजी भाषा में प्रकाशित पुस्तकों का अनुवाद अन्य भारतीय भाषाओं में करना शुरू कर दिया है।
इसी तरह तमिल, कन्नड़, तेलुगू, मराठी, गुजराती, मलयालम सहित अन्य भारतीय भाषाओं में लिखी गई किताबों का अनुवाद हिंदी और अंग्रेजी में किया जा रहा है। इसी क्रम में 100 से अधिक देशों में धूम मचाने वाले मिल्स एंड बून के उपन्यासों का अनुवाद हिंदी में किया गया है।
मंजुल पब्लिशिंग हाउस प्राइवेट लिमिटेड के चीफ ऑपरेटिंग आफिसर मुनीष वर्मा के अनुसार उनका पब्लिकेशन विश्व में सबसे अधिक पढ़े जाने वाले अंग्रेजी उपन्यासों एवं किताबों का अनुवाद हिंदी में कर रहा है। इसी तरह हिंदी साहित्य को विश्व मंच में स्थापित करने के लिए हिंदी की किताबों का अनुवाद अंग्रेजी सहित अन्य भाषाओं में कर रही है।