नई दिल्ली। दिल्ली के प्रगति मैदान में 14 फरवरी से आयोजित होने वाले विश्व पुस्तक मेले में इस बार एक लाख से ज्यादा पुस्तक प्रेमियों के पहुंचने की उम्मीद है।
इस बार लोगों को किताबों के दामों में भारी छूट भी दिए जाने की उम्मीद है, जिससे प्रकाशकों में उत्साह का माहौल है। मेले में आने वाले लोग किताबें खरीदने के अलावा वहां आयोजित होने वाली विभिन्न गतिविधियों में भी शामिल होंगे।
इस बार अतिथि देश, सिंगापुर से आए लेखकर, कलाकार तथा पुस्तक संस्थान के अधिकारियों के साथ कुछ भारतीय लेखकों, कलाकारों तथा संपादकों की अनौपचारिक बैठक भी आयोजित की जाएगी, जिसमें जाने-माने कवियों के अलावा अन्य साहित्य और कलाप्रेमी हिस्सेदारी करेंगे।
इस बार मेले में बच्चों के लिए भी बहुत कुछ खास होगा। नन्हें-मुन्ने बच्चों द्वारा आकर्षक पोशाकों में भारतीय लोक परंपरा के रंग बिखेरे जाएंगे। इस प्रस्तुतीकरण में हरियाणवी घूमर, भांगड़ा,
कश्मीरी, लावणी, गिद्दा आदि शामिल होंगे।
पिछले साल हुए थे कई कार्यक्रम
पिछले साल हार्पर कोलिंस द्वारा प्रकाशित प्रसिद्ध सिने अदाकारा टिस्का चोपड़ा की पुस्तक ‘एक्टिंग स्मार्ट यॉर टिकट टू शोबिज’ का लोकार्पण हुआ था। इस अवसर पर टिस्का चोपड़ा, टीवी कलाकार रघुराम भी उपस्थित थे। लेखक मंच पर ‘प्रवासी मंच के तहत विदेशी अतिथियों का संवाद’ आयोजित किया गया था, जिसकी अध्यक्षता लेखक अशोक चक्रधर ने की थी। इसमें विदेशों से आए रचनाकार अनीता कपूर (ब्रिटेन), पुष्पिता अवस्थी (नीदरलैंड), जय वर्मा (ब्रिटेन), मदन लाल मधुर (रूस), महेंद्र (ब्रिटेन) तथा कृष्ण कुमार (ब्रिटेन) शामिल थे। मेले में राष्ट्रीय पुस्तक न्यास द्वारा ‘आज का ड्रामा’ विषय पर परिचर्चा भी आयोजित की गई थी।