पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर
डाउनलोड करेंनई दिल्ली। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी द्वारा 1984 में हुए सिख विरोधी दंगों में कुछ कांग्रेसियों की संलिप्तता की बात स्वीकार करने के बाद दंगों की जांच के लिए एसआईटी के गठन की मांग को लेकर सिखों ने प्रदर्शन किया। गुरुवार को शिरोमणि अकाली दल बादल के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष मनजीत सिंह जीके की अगुआई में शिअद कार्यकर्ताओं ने अकबर रोड स्थित ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी के दफ्तर पर जमकर बवाल काटा। प्रदर्शनकारियों पर काबू पाने के लिए पुलिस ने जमकर पानी की बौछार की।
इसके बाद भी शिअद कार्यकर्ता नहीं रुके और गुजरात की तर्ज पर एसआईटी के गठन की मांग करते हुए काले झंडे लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। बाद में पुलिस गुरुद्वारा कमेटी के प्रधान मनजीत सिंह जीके, महासचिव व शिअद विधायक मनजिंदर सिंह सिरसा, भाजपा विधायक व शिअद नेता जितेंदर सिंह शंटी, विधायक हरमीत सिंह कालका, शिअद के वरिष्ठ नेता ओंकार सिंह थापर, कुलदीप सिंह भोगल, भुपिंदर सिंह आनंद, कुलमोहन सिंह, परमजीत सिंह विक्की मान समेत सैकड़ों लोगों को गिरफ्तार कर थाना तुगलक लेन ले गई।
पुलिस स्टेशन में प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए गुरुद्वारा कमेटी के प्रधान मनजीत सिंह जीके ने केंद्र सरकार से कहा कि जब राहुल गांधी ने मान लिया है कि 84 के दंगों में कुछ कांग्रेसी नेता शामिल थे तो सरकार दोषी कांग्रेसियों के विरुद्ध कार्रवाई करे। नहीं तो राहुल गांधी या केंद्र सरकार हमें उन नेताओं के नाम बता दें, हम उससे खुद निपट लेंगे। गुरुद्वारा कमेटी के महासचिव मनजिंदर सिंह सिरसा ने ऐलान किया कि सरकार तुरंत गुजरात की तर्ज पर एसआईटी का गठन करे। कौम के कातिलों को सजाएं दिलवाने की जंग अंत तक जारी रहेगी। भाजपा विधायक जितेंदर सिंह शंटी ने कहा कि दंगे को 30 वर्ष हो चुके हैं, दंगा पीडि़तों को न्याय दिलाने के लिए केंद्र सरकार द्वारा अब तक 10 आयोग बने हैं, पर नतीजे आज भी ढाक के तीन पात हैं। केंद्र एसआईटी का गठन कर 90 दिनों में इस मामले का निपटारा करे। ज्ञात हो कि कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के हाल ही में एक इंटरव्यू में स्वीकार किया था कि 1984 के सिख विरोधी दंगों में कुछ कांग्रेसी शामिल रहे होंगे।
Copyright © 2021-22 DB Corp ltd., All Rights Reserved
This website follows the DNPA Code of Ethics.