नई दिल्ली. केंद्र सरकार ने बजट से पहले नौ सरकारी बैंकों में 6,990 करोड़ रुपए की पूंजी डालने का फैसला किया है। यह कदम बेसल-3 मानकों के तहत बैंकों की पूंजी जरूरतों को पूरा करने के लिए उठाया जा रहा है। बजट में इस साल बैंकों को 11,200 करोड़ रुपए देने का निर्णय हुआ था। सरकार का कहना है कि बाकी 4,210 करोड़ रुपए भी मार्च तक दे दिए जाएंगे।
वित्त मंत्री अरुण जेटली ने पिछले बजट में कहा था कि बेसल-3 मानकों को पूरा करने के लिए बैंकों को 2018 तक दो लाख 40 हजार करोड़ रुपए की जरूरत होगी। केंद्र 2011 से मार्च 2014 तक सरकारी बैंकों में 58,600 करोड़ रुपए डाल चुका है।
किस बैंक को कितनी रकम
बैंक - पूंजी (करोड़ रुपए में)
स्टेट बैंक - 2,970
बैंक ऑफ बड़ौदा - 1,260
पंजाब नेशनल बैंक - 870
केनरा बैंक - 570
सिंडिकेट बैंक - 460
इलाहाबाद बैंक - 320
इंडियन बैंक - 280
देना बैंक - 140
आंध्रा बैंक - 120
कुल - 6,990
नया मानदंड
इस बार सरकार ने बैंकों को पैसे देने का नया मानदंड तय किया है। जो बैंक बेहतर काम कर रहे हैं सरकार उन्हें ज्यादा पूंजी देगी ताकि ये अपनी स्थिति और मजबूत कर सकें। इसके दो आधार बनाए गए हैं। पहला है एसेट पर मिलने वाला रिटर्न। सभी सरकारी बैंकों के तीन साल के रिटर्न का औसत निकाला गया। जिन बैंकों का प्रदर्शन औसत से बेहतर रहा उन्हें ज्यादा पैसे मिलेंगे। दूसरा है इक्विटी पर रिटर्न। साल भर में जिन बैंकों का प्रदर्शन अच्छा रहा है उन्हें सरकार की तरफ से ज्यादा पूंजी मिलेगी।