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संगठित-असंगठित क्षेत्र के कामगारों के जीवन में बदलाव लाएगी शिक्षा
{केंद्रीय श्रमिक शिक्षा बोर्ड के स्थापना दिवस के अवसर पर बोले श्रम मंत्री तोमर
नेशनलब्यूरो | नई दिल्ली
केंद्रीयश्रमिकशिक्षा बोर्ड (सीबीडब्ल्यूई) के 57वें स्थापना दिवस पर बोलते हुए, इस्पात, खान, श्रम एवं रोजगार मंत्री, नरेन्द्र सिंह तोमर ने देश में कामगारों में जागरूकता तथा क्षमता निर्माण के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने संगठित, असंगठित और ग्रामीण वर्गों से कामगारों को शिक्षित करने में सीबीडब्ल्यूई द्वारा निभाई गई भूमिका की सराहना करते हुए कहा,श्रमिक के जीवन स्तर में हमारे द्वारा लाए गए बदलाव से अधिक संतोषजनक काम और कुछ नहीं है।
शिक्षा के बहुस्तरीय प्रभाव की बात करते हुए उन्होंने कहा, देश की आबादी 125 करोड़ है; यदि हर एक व्यक्ति एक कदम बढ़ाएगा तो देश सवा सौ करोड़ कदम आगे बढ़ेगा। इस मौके पर इस्पात, खान, श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री, विष्णु देव साय, सचिव (श्रम) गौरी कुमार तथा अध्यक्ष, सीबीडब्ल्यूई, के.लक्ष्मा रेड्डी भी उपस्थित थे। बोर्ड ने जम्मू एवं कश्मीर राज्य में हाल ही में आई बाढ़ के लिए राज्य में राहत और पुनर्वास कार्य हेतु प्रधानमंत्री राहत कोष के लिए तोमर को 3.48 लाख रुपए का एक चैक भी प्रस्तुत किया।
तोमर ने केंद्रीय श्रमिक शिक्षा बोर्ड के सदस्यों से अपने कार्यों को देश की प्राथमिकताओं के अनुरूप ढालने का सुझाव दिया और विशेष रूप से कौशल विकास पर ध्यान देने की सलाह दी। उन्होंने सीबीडब्ल्यूई को अपने आकार एवं फैलाव में विस्तार लाने के लिए उत्प्रेरित किया तथा उन्हें इस कार्य के लिए जरूरी सरकारी सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया। उन्होंने परियोजनाओं के लिए सीमा रेखाएं निर्धारित करने तथा पाठ्यक्रम विषय-वस्तु को सामयिक एवं प्रासंगिक बनाने के लिए नियमित रूप से उसकी समीक्षा करने की महता पर बल दिया।
इस अवसर पर तोमर ने सीबीडब्ल्यूई की ऑनलाइन ‘मासिक प्रगति रिपोर्ट पद्धति’ का भी शुभारंभ किया। विष्णु देव साय ने अपने संबोधन में कामगारों को सशक्त बनाने तथा उन्हें शोषण से बचाने के लिए शिक्षा की भूमिका पर बल दिया।