हिंडाल्को, अदाणी, एस्सार के एसईजेड रद्द
सरकारने नौ एसईजेड यानी स्पेशल इकोनॉमिक जोन की मंजूरी रद्द कर दी है। इनमें से 3 एसईजेड हिंडाल्को, अदाणी और एस्सार ग्रुप के हैं। इन सभी एसईजेड में काम शुरू ना होने और निवेशकों की दिलचस्पी कम होने की वजह से सरकार ने इन्हें रद्द करने का फैसला लिया है।
यह फैसला वाणिज्य सचिव राजीव खेर की अध्यक्षता वाले बोर्ड ऑफ अप्रूवल (बीओए) ने हाल में हुई बैठक में लिया है। एसईजेड प्रोजेक्ट को शुरू करने के लिए इन कंपनियों ने अब तक कोई खास काम नहीं किया था। इसे देखते हुए डेवलपमेंट कमिश्नर्स ने बीओए से इनकी मंजूरी को रद्द करने की सिफारिश की थी।
हिंडाल्को इंडस्ट्रीज ने ओडिशा में एल्युमिनियम प्रोडक्ट एसईजेड लगाने का प्रस्ताव किया था। इसे जुलाई 2007 में यह एसईजेड लगाने की मंजूरी मिली थी। इसकी अवधि में कई बार विस्तार दिया गया। आखिरी बार हुए विस्तार की अवधि 31 दिसंबर 2013 को खत्म हो गई थी। अदाणी टाउनशिप एंड रियल एस्टेट कंपनी लिमिटेड को गुजरात में आईटी एसईजेड लगाने की जून 2007 में मंजूरी मिली थी। इसकी अवधि जून 2010 मे खत्म हो गई थी। कंपनी ने सूचित किया था कि आईटी सेक्टर में मांग का परिदृश्य विपरीत होने के कारण इस एसईजेड के विकास पर आगे नहीं बढ़ सकी है।
इसी तरह, एस्सार जामनगर एसईजेड लिमिटेड गुजरात में मल्टी प्रोडक्ट एसईजेड लगाना चाहती थी। इसके लिए कंपनी को अगस्त 2006 में मंजूरी मिली थी। इसकी अवधि अगस्त 2009 में खत्म हो गई थी। इसके बाद कंपनी ने इसमें विस्तार की मंजूरी के लिए अर्जी नहीं दी थी।
जिन अन्य कंपनियों के एसईजेड रद्द हुए हैं उनमें चेन्नई बिजनेस पार्क, इंटीग्रेटेड वेयरहाउसिंग कंडला प्रोजेक्ट डेवलपमेंट और गुजरात इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन शामिल हैं।
क्या है नियम
एसईजेडनियमों के मुताबिक, मंजूरी तीन साल के लिए वैध रहती है। इस दौरान कम से कम एक यूनिट में उत्पादन शुरू होना जरूरी है। और यह उत्पादन शुरू होने की तारीख से जोन ऑपरेशनल हो जाना चाहिए।
आगेक्या |अगर ये कंपनियां दोबारा एसईजेड शुरू करना चाहेंगी तो उन्हें इसके लिए नए सिरे से मंजूरी लेनी होगी।