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बिजली क्षेत्र में 5 साल में होगा 15 लाख करोड़ का निवेश

7 वर्ष पहले
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केंद्रीयबिजली और कोयला मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि पांच साल में बिजली क्षेत्र में लगभग 15 लाख करोड़ रुपए का निवेश होने की उम्मीद है। इसमें से छह लाख करोड़ का निवेश अक्षय ऊर्जा और तीन लाख करोड़ का निवेश ट्रांसमिशन नेटवर्क पर होगा।

गोयल गुरुवार को इंडिया इकोनॉमिक समिट में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि सरकार वर्ष 2019 तक देश के सभी परिवारों और कारोबारी प्रतिष्ठानों को बिजली उपलब्ध कराकर भारत को पावर सरप्लस बनाने की दिशा में काम कर रही है। अब भी 5.3 करोड़ परिवारों तक बिजली नहीं पहुंची है। उन्होंने कहा कि पांच वर्षों में देश में बिजली की मांग दोगुनी हो जाएगी।

कोयला मंत्री ने कहा कि कोल इंडिया पांच साल में उत्पादन बढ़ाकर दोगुना करेगी। वर्ष 2019 तक देश में 100 करोड़ टन कोयले का उत्पादन हो सकता है। इसमें निजी क्षेत्र की भी भागीदारी बढ़ेगी।

बिजली उत्पादन बढ़ाने के लिए ईंधन आपूर्ति की समस्या आड़े रही है। इसलिए अक्षय ऊर्जा की हिस्सेदारी बढ़ानी होगी। अभी कुल बिजली उत्पादन में इसकी हिस्सेदारी मात्र छह प्रतिशत है। अभी देश के सभी पावर प्लांटों की कुल क्षमता ढाई लाख मेगावाट है। लेकिन ईंधन की कमी के कारण कुछ प्लांट बंद पड़े हैं और कुछ में क्षमता से बहुत कम उत्पादन हो रहा है।

उन्होंने कहा कि वर्ष 2022 तक एक लाख मेगावाट सोलर पावर उत्पादन का लक्ष्य है। अधिक कर देने वाली एनटीपीसी और कोल इंडिया जैसी कंपनियां अक्षय ऊर्जा में निवेश कर सकती हैं। उस निवेश पर कर प्रोत्साहन का लाभ उठा सकती हैं।

इकोनॉमिक समिट में गोयल

>2019 तक देश को पावर सरप्लस बनाने की कोशिश

> कोल इंडिया 5 साल में उत्पादन बढ़ाकर दोगुना करेगी

> 2022 तक एक लाख मेगावाट सोलर पावर का लक्ष्य