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यूरिया आयात 36 प्रतिशत घटा

7 वर्ष पहले
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नई दिल्ली| चालूवित्त वर्ष के पहले सात महीने में यूरिया आयात 36% गिरा है। कमजोर मानसून से खरीफ की बुआई रकबा घटने के कारण ऐसा हुआ है। पिछले साल का पड़ा स्टॉक भी इसकी एक वजह है। यूरिया का आयात तीन सरकारी उपक्रम करते हैं। इंडिया पोटाश लि., एसटीसी और एमएमटीसी। इसके अलावा इफको-कृभको के संयुक्त उद्यम ओम इफ्को के जरिए भी आयात होता है। सब्सिडी के तहत यूरिया का अधिकतम खुदरा मूल्य 5360 रुपए टन है।



अधिकतम खुदरा मूल्य और उत्पादन लागत के बीच का अंतर यूरिया निर्माताओं को सब्सिडी के रूप में दिया जाता है। देश में हर साल तीन करोड़ टन यूरिया की मांग होती है। उत्पादन दो करोड़ 20 लाख टन होता है। इस अंतर को आयात से पूरा किया जाता है। पिछले साल देश में भंडार होने की वजह से यूरिया का आयात 12 प्रतिशत घटकर 70.8 लाख टन रहा था।

साल 2012-13 में 80.4 लाख टन यूरिया आयात किया गया था।