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विदेश नीति से निखरेगा कई शहरों का रंग रूप

7 वर्ष पहले
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विदेशनीति अब दुनिया के विभिन्न मुल्कों के साथ भारत के रिश्तों को ही प्रगाढ़ नहीं करेगी बल्कि यह कई भारतीय शहरों के रूप में भी बदलाव लाएगी। यहां की परिवहन व्यवस्था से लेकर बिजली-पानी और सौंदर्यीकरण में भी विदेश नीति एक अहम भूमिका निभाएगी।

दरअसल विदेश मंत्रालय ने अब विभिन्न देशों से आने वाले शिष्टमंडल को सिर्फ दिल्ली में आमंत्रित कर उन्हें वहीं से रवाना करने की नीति में बदलाव किया है। वह ऐसे शिष्टमंडल को भारत के विभिन्न शहरों में ले जाने की तैयारी कर रहा है। जिससे दुनिया के देश असली भारत को देख पाएं। वह केवल दिल्ली को ही भारत समझें। इसका प्रयोग चीन के राष्ट्रपति शीन जिन पिंग के भारत दौरे से करने का फैसला किया गया है। यही वजह है कि जिन पिंग पहली बार परंपरागत दिल्ली, मुंबई की जगह सीधे अहमदाबाद जा रहे हैं। यहां उनका स्वागत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। हाल के वर्षों में यह पहली बार है जब कोई राष्ट्राध्यक्ष दिल्ली-मुंबई की जगह सीधे किसी राज्य की राजधानी में जा रहा है।

चीन में यह आम चलन

असलमें चीन में यह आम प्रक्रिया है। दुनिया इसे चीन की शो-बाजी भी करार देती है। यह कहा जाता है कि चीन इसके सहारे दुनिया को अपनी ढांचागत सुविधाओं की महारत से अवगत कराना चाहता है। विदेश मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा कि अगर चीन ऐसा करता है तो उसमें गलत कुछ भी नहीं है। अगर उसके शहर देखने-दिखाने वाले हैं तो वह ऐसा करता है। हमारा प्रयास है कि हम भी अपने बेहतरीन शहरों को दुनिया को दिखाएं।

नए शहरों को मिलेगा मौका

^श्चिततौर पर यह नया प्रयोग है लेकिन विदेश मंत्रालय आगे भी यह करता रहेगा। आने वाले समय में कई अन्य नए शहरों में इस तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। -सैयदकबरूद्दीन, विदेशमंत्रालय के प्रवक्ता

विदेश मंत्रालय दिल्ली के साथ ही फरीदाबाद, गुड़गांव में कार्यक्रम आयोजित करता रहा है। लेकिन अब उसने विभिन्न राज्यों के नए शहरों में कार्यक्रम आयोजित करने का फैसला किया है। अगर अहमदाबाद की बात करें तो दौरे के दौरान अहमदाबाद और चीन के किसी शहर के बीच इसकी विशेषताओं के आधार पर चीन के किसी शहर के साथ सिस्टर सिटी संबंध का करार हो सकता है। चीनी राष्ट्रपति यहां पर साबरमती नदी के किनारे जाएंगे। इससे वहां पर पर्यटन के विकास में मदद मिलेगी। राज्य सरकार ने आने वाले समय में यहां पर सायं के समय लो