डीडीए की लापता सूची में कई आला अधिकारी
{ ड्यूटी ज्वाइन करने के बावजूद एनरोलमेंट नहीं कराया
भास्करन्यूज| नई दिल्ली
दिल्लीविकास प्राधिकरण के 2278 कर्मचारियों की लापता सूची में कई आला अधिकारियों के नाम भी शामिल हैं। डीडीए के टॉप मोस्ट पदों पर आसिन ये अधिकारी ड्यूटी तो ज्वाइन कर लिए हैं, लेकिन अपना नाम एनरोलमेंट नहीं कराया है, जिसकी वजह से उन्हें भी घोस्ट की सूची में शामिल कर लिया गया है। उधर, पिछले ढाई महीने से घोस्ट कर्मचारियों का मामला सुर्खियों में आने के बाद डीडीए अब बैकफुट पर गया है और लापता कर्मचारियों का पता लगाने का फैसला किया है।
डीडीए ने सफाई दी है कि विभिन्न कार्यालयों में 70 बायोमीट्रिक मशीनें लगाई गई हैं, लेकिन दूर-दराज के क्षेत्रों में अभी भी कई कार्यालय ऐसे हैं, जहां पर बहुत कम कर्मचारी कार्यरत हैं और बायोमीट्रिक मशीन का उपयोग नहीं करते हैं। इसके अलावा कई कर्मचारी पिछले काफी समय से अवकाश पर हैं और वे अभी तक बायोमीट्रिक मशीनों के लिए पंजीकरण नहीं कराया है। इस मामले में डीडीए उपाध्यक्ष बलविन्दर कुमार ने सभी विभागाध्यक्षों को कर्मचारियों की संख्या जुटाने का निर्देश दिया है। इसके अलावा वेतन अथवा बिना वेतन के अवकाश पर चल रहे कर्मचारियों का भी पता लगाया जा रहा है।
बता दें कि भास्कर ने 2 जुलाई को बायोमेट्रिक रजिस्ट्रेशन कराने से कर्मचारियों की सेलरी रुकी नामक शीर्षक से खबर लिखी थी। इस मामले की लंबी जांच के बाद अब लापता कर्मचारियों की संख्या बढ़कर 2278 हो गई है। बता दें कि कई ऐसे भी कर्मचारी हैं जो वेतन तो डीडीए मुख्यालय विकास सदन से लेते हैं, लेकिन काम केन्द्रीय शहरी विकास मंत्रालय अथवा राजनिवास या अन्य स्थानों पर करते हैं। इस तरह के कर्मचारियों में सर्वाधिक संख्या माली और बेलदारों की है।