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सारदा ग्रुप की 14 कंपनियां चला रही थीं पोंजी स्कीम
सारदासमूह की 14 कंपनियां पोंजी स्कीम चला रही थीं। इन कंपनियों पर कई कानूनों के उल्लंघन के आरोप में मुकदमा चलेगा। गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय (एसएफआईओ) ने अपनी जांच पूरी करने के बाद यह जानकारी दी है। जांच में पाया गया है कि सारदा समूह नए सदस्यों से पैसे लेकर निवेश से आय कमाने के बजाय पुराने सदस्यों को भुगतान कर रहा था। यह गतिविधि पोंजी स्कीम की परिभाषा के दायरे में आती है।
एसएफआईओ की जांच पूरी होने पर कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय ने कहा है कि समूह की गतिविधियों में कंपनी कानून, सेबी अधिनियम और आईपीसी के विभिन्न प्रावधानों का गंभीर उल्लंघन हुआ है। जिन कंपनियों को \\\"कलेक्टिव इन्वेस्टमेंट स्कीम्स\\\' से जुड़े सेबी के नियमों के उल्लंघन करते पाया गया है उन पर सेबी अधिनियम के उल्लंघन का मुकदमा दायर किया जाएगा क्योंकि सेबी अधिनियम में कंपनी कानून से ज्यादा लंबी कैद का प्रावधान है। इसके अलावा इन कंपनियों पर राज्य सरकारें स्थानीय नियमों के उल्लंघन का मुकदमा भी चला सकती हैं। एसएफआईओ की जांच रिपोर्ट सीबीआई के साथ साझा की जाएगी ताकि एक ही मामले में दो अलग-अलग मुकदमा दायर करने से बचा जा सके।
पिछले साल की शुरुआत में यह चिटफंड घोटाला सामने आया था। सारदा समूह की कंपनियों द्वारा पश्चिम बंगाल और पड़ोसी राज्यों के लाखों निवेशकों से गैरकानूनी तौर पर धन जुटाने की गतिविधि के कारण करोड़ों रुपए का नुकसान हुआ था। इस घोटाले में कुछ बड़े नेताओं की संलिप्तता भी पाई गई है। इसे लेकर विभिन्न पक्ष ममता बनर्जी सरकार की आलोचना भी कर रहे हैं।