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भाजपा सांसद साक्षी महाराज ने लोकसभा में माफी मांगी

7 वर्ष पहले
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अपने ही सांसदों के भगवा तेवरों ने बढ़ाया भाजपा का संकट

भाजपाकेभगवा तेवरों वाले सांसद छोटे-छोटे विपक्षी दलों को एकजुट होने का मौका देकर नेतृत्व की तकलीफ बढ़ा रहे हैं। पहले मंत्री निरंजन ज्योति ने और अब साक्षी महाराज ने सरकार को मुश्किल में डाल दिया।

विपक्ष के कड़े विरोध के चलते ही नाथूराम गोडसे को ‘देशभक्त’ बताने वाले बयान के लिए शुक्रवार को साक्षी महाराज को माफी मांगनी पड़ी। दोनों सदनों में काम शुरू होते ही साक्षी महाराज के बयान पर कांग्रेस और दूसरे विपक्षी दलों ने हंगामा किया। राज्यसभा में हुसैन दलवाई ने शून्यकाल में मामला उठाया। इसके चलते दो बार सदन की कार्यवाही रोकनी पड़ी। लोकसभा में कांग्रेस के ज्योतिरादित्य सिंधिया और अन्य के नेतृत्व में सदस्यों ने गोडसे सरकार हाय-हाय के नारे लगाए। सदस्यों के गर्भगृह में आकर नारेबाजी और हंगामे के चलते कई बार काम रोकना पड़ा। शेषपेज|4







कांग्रेसप्रमुख सोनिया गांधी भी खड़े होकर नारेबाजी करती देखी गईं। इस दौरान वित्त मंत्री अरुण जेटली संसदीय मामलों के मंत्री वेंकैया नायडू असहाय नजर आए। साक्षी महाराज ने गुरुवार को संसद के बाहर कहा था, ‘गोडसे ने गलती से बापू की हत्या कर दी थी। वह देशद्रोही नहीं थे। वह भी राष्ट्रभक्त थे।\\\'



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साक्षी महाराज को चार बार देनी पड़ी सफाई :



साक्षी महाराज को चार बार बयान के संबंध में स्पष्टीकरण देना पड़ा। शुरु में उन्होंने माफी मांगी, साथ ही कांग्रेस पर तंज भी कस दिया। कहा, ‘मैं बापू का सम्मान करता हूं। सदन का सम्मान करता हूं। मैंने तुरंत ही बयान को वापस ले लिया था। बापू की असली हत्या तो 1984 के सिख दंगों के दौरान हुई है। मैं अपने शब्द वापस लेता हूं।’ इस पर विपक्षी पार्टी हमलावर हो गई और कहने लगी कि यह माफी मांगने का तरीका नहीं है। आखिर में उन्होंने एक लाइन में माफी मांगी। तब जाकर विपक्ष चुप हुआ।



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एकजुट हो रहा है विपक्ष :



निरंजन ज्योति और साक्षी महाराज के बयानों के कारण दोनों ही सदनों में काम प्रभावित रहा। निरजंन ज्योति के बयान पर पिछले हफ्ते प्रधानमंत्री को पहले राज्यसभा में और उसके बाद लोकसभा में खेद जताना पड़ा। ताकि दोनों सदनों में काम सुचारू तौर पर चल सके। संख्या बल के आधार पर छोटा कहा जाने वाला विपक्ष संसद के दोनों सदनों में लगभग हर दिन ही कांग्रे