मुसाफिरों की सुविधा बढ़ाएंगी एजेंसियां
{सहूलियत मुहैया कराने के लिए सक्रिय हुआ डीजीसीए
अनूपकुमार मिश्र | नई दिल्ली
घनेकोहरे के चलते मुसाफिरों को होने वाली परेशानियों को कम करने के लिए डीजीसीए (डायरेक्टर जनरल अाफ सिविल एविएशन) और आईएमडी (इंडियन मेट्रोलोजिकल डिपार्टमेंट) की एक टीम इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के एओसीसी (एयरपोर्ट ऑपरेशन कंट्रोल सेंटर) पर मौजूद रहेगी।
डीजीसीए एवं आईएमडी के अधिकारी एओसीसी से एयरलाइंस, एयरपोर्ट अथॉरिटी आफ इंडिया सहित विभिन्न एयरपोर्ट एजेंसियों के बीच समन्वय स्थापित करेंगे। एओसीसी में दोनों एजेंसियों की मौजूदगी का मकसद मुसाफिरों की परेशानियों को कम से कम करते हुए विमानों के परिचालन को बेहतर बनाना है। इसके अतिरिक्त आईजीआई एयरपोर्ट की संचालक संस्था डायल रोजाना एक कांफ्रेंस का आयोजन करेगी। जिससे आगामी 48 घंटों के मौसम का पूर्वानुमान विभिन्न एयरलाइंसों को मुहैया कराया जा सके।
घने कोहरे के दौरान विमानों के परिचालन को जारी रखने के लिए डीजीसीए ने आईजीआई एयरपोर्ट से अावागमन करने वाली सभी फ्लाइटों में कैट-थ्री-बी तकनीक से प्रशिक्षित पायलटों की तैनाती करने के निर्देश दिए हैं। डीजीसीए ने स्पष्ट किया है कि मौसम विभाग द्वारा मौसम खराब होने या दृश्यता कम होने की संभावना जाहिर करने के बाद सभी एयरलाइंस आईजीआई एयरपोर्ट से आवागमन करने वाले विमानों में अनिवार्य रूप से कैट-थ्री-बी तकनीक से प्रशिक्षित पायलटों एवं को-पायलटों की तैनाती करेंगी। उल्लेखनीय है कि कैट थ्री बी पायलटों की उपलब्धता होने की वजह से 2014 में अब तक करीब सात फ्लाइटों को रद्द किया जा चुका है। जबकि 2013 में 39, 2012 में 05 और 2011 में 22 उड़ानों को रद्द किया गया था। डीजीसीए ने विमान विलंब होने की स्थित में पानी रिफ्रेशमेंट सहित सभी अनिवार्य सहूलियतों को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
मुसाफिरजानें अपना अधिकार : मुसाफिरोंसे बेहतर संवाद स्थापित करने के लिए डीजीसीए ने अपने अधिकारिक पोर्टल में www.dgca.nic.in पर \\\"अधिकारों काे जानें\\\' नाम से एक पोर्टल शुरू किया है। इस पोर्टल में विशेष सहायता, यात्रियों के सलाह, शिकायत निवारण तंत्र, विघटनकारी यात्री के बारे में जानकारी उपलब्ध कराई गई है। पोर्टल में डिसएबल पैसेंजर को लाने और ले जाने, वरिष्ठ नागरिकों को मिलने वाली सहूलियतों के बारे में भी जानकारी उपलब्ध कराई है।
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