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बिहार में सीएम मांझी रहेंगे या नीतीश, फैसला 20 को

6 वर्ष पहले
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बिहारमें मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी रहेंगे या नीतीश कुमार, इसका फैसला 20 फरवरी को होगा। बुधवार देर रात राज्यपाल केशरीनाथ त्रिपाठी ने मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी को बहुमत साबित करने का निर्देश दिया है। इससे मांझी को आठ दिनों का और समय मिल गया है। इसके पहले पटना हाईकोर्ट ने जीतनराम मांझी के मुख्यमंत्री रहते हुए नीतीश को पार्टी विधायक दल का नेता चुने जाने की प्रक्रिया को अवैध करार देते हुए इस पर रोक लगा दी है।

पटना कोर्ट ने इसे एक राजनीतिक मामला बताया अौर कहा, राज्यपाल का फैसला आने तक इंतजार किया जा सकता है। शनिवार को शरद यादव की ओर से पार्टी के विधायकों और एमएलसी की बुलाई गई बैठक में नीतीश कुमार को विधायक दल का नेता चुना गया था। सीएम जीतन राम मांझी ने कहा था कि विधायक दल के नेता वह हैं और केवल उन्हें ही विधायकों की बैठक बुलाने का अधिकार है।







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इसमामले में मांझी समर्थक विधायक राजेश्वर राज ने सोमवार को पटना हाईकोर्ट में नीतीश कुमार को पार्टी विधायक दल का नेता चुने जाने को चुनौती देते हुए याचिका दायर की थी। जज एलएन रेड्डी और विकास जैन ने सुनवाई करते हुए कहा कि विधायक दल की बैठक बुलाने का अधिकार केवल सीएम को होता है और बिना उनकी मंजूरी के बैठक संवैधानिक तौर पर अवैध है। कोर्ट ने कहा कि जब सीएम मौजूद है, तो विधायक दल का फिर से नेता चुना जाना गलत है। कोर्ट ने स्पीकर पर टिप्पणी करते हुए कहा कि नीतीश को विधायक दल के नेता की मान्यता स्पीकर कैसे दे सकते हैं। मामले की अगली सुनवाई 18 फरवरी को होगी।

क्या है स्थिति अभी? नीतीशजदयू के 110 विधायकों के साथ राजद के 24, कांग्रेस के पांच और भाकपा के एक विधायक सहित कुल 130 विधायकों का समर्थन प्राप्त होने का दावा कर रहे हैं। वहीं मांझी 243 सदस्यीय विधानसभा में दस रिक्तियों के बीच 233 में 117 के बहुमत के जादुई आंकड़े के पूरा करने की भरसक कोशिश में हैं। शक्ति परीक्षण में उन्हें भाजपा के 87 विधायक के साथ तीन निर्दलीयों का समर्थन मिलना तय है। राजद के 6 और कांग्रेस के 3 विधायक बगावत कर सकते हैं। फिलहाल बहुमत का आंकड़ा नीतीश के पक्ष में दिख रहा है।

उधर, नई दिल्ली में नीतीश कुमार बुधवार शाम लालू प्रसाद, मुलायम सिंह समेत अपने सहयोगी 12 नेताओं के साथ राष्ट्रपति से मिले। उन्होंने राष्ट्रपति को बताया कि बिहार में जदयू के पास पूरा बहुमत है। हमारा राज्यपाल से आग्रह है कि मामले में तुरंत फैसला होना चाहिए। देर होने से राज्य का वातावरण प्रदूषित हो रहा है। नीतीश 130 विधायकों के साथ दिल्ली में हैं।इसके पहले नीतीश ने कहा, राज्यपाल चाहें तो पहले जीतन राम मांझी को ही बहुमत साबित करने का अवसर दें। हमें एतराज नहीं होगा।