हार के पीछे बुखारी का फतवा : बेदी
न्योता देकर मांगा हक
नई दिल्ली| बदले-बदलेसे सरकार नजर आते हैं...। केजरीवाल और मोदी के मंत्री अब गले मिलकर साथ चलना चाहते हैं। बुधवार को दिखाया तो यही। नायडू और राजनाथ से मिलकर केजरीवाल ने शपथ का न्योता दिया और दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा मांग लिया। शाम को राष्ट्रपति से भी मिले। तीनों ने मुलाकात के फोटो ट्वीट भी किए।
^वित्त मंत्री जी अगर मैं गलत हूं तो मुझे गिरफ्तार कर लीजिए। पर कीचड़ मत उछालिए।
इस सबके बावजूद चंदा मामले में इनकम टैक्स के नोटिस पर केजरीवाल का जवाब
प्रणब ने गले मिल जबरदस्त जीत की बधाई दी। साथही संविधान की कॉपी और अपनी लिखी ‘थॉट्स एंड रिफलेक्शन्स’ किताब भेंट कीं। केजरीवालने आशीर्वाद मार्गदर्शन के लिए राष्ट्रपति का आभार जताया।
गृहमंत्री को रामलीला मैदान में आने का न्योता दिया। साथमें दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा देने की मांग भी कर डाली। राजनाथने भरोसा दिलाया कि राजनीतिक द्वेष के बिना साथ मिलकर काम करेंगे।
नायडू से मिलने उनके दफ्तर गए। सबसे ज्यादा काम उन्हीं से पड़ेगा। साथ गए मनीष सिसौदिया ने कहा-‘हमने अवैध कॉलोनियाें, स्कूल, कॉलेज और पार्किंग के लिए जमीन पर बात की।’ नायडू बोले- ‘हम टीम इंडिया की तरह काम करेंगे।’
अमित मिश्रा | नई दिल्ली
नतीजे का दिन बीत चुका है। भाजपा नेता किरण बेदी अब हताश नहीं, तैश में हैं। बर्ताव से दिख रहा। पर सवाल तो आएंगे। जवाब भी देना होगा। बुधवार को बातचीत में किरण ने हार का ठीकरा बुखारी पर मढ़ दिया। बातचीतके प्रमुख अंश...
{आपकीहार की वजह क्या है?
शुरूमें मैं जीत रही थी। पर जैसे-जैसे दूसरे क्षेत्र (अल्पसंख्यक) की गिनती शुरू हुई, मैं पिछड़ने लगी। कार्यकर्ताओं ने बताया कि शाही इमाम बुखारी ने आप के समर्थन में जो फतवा जारी किया उसका असर दिखा। मैंने चुनाव आयोग से इसकी जांच की मांग की है।
{जहांहारीं, वह तो भाजपा का गढ़ था?
यहांलोग नाराज थे। मुझसे नहीं, मुसीबतों से। कृष्णा नगर में काफी गंदगी है। गलियां तंग हैं। झुग्गियों में पानी नहीं पहुंच रहा।
{यहांतो 22 साल से भाजपा के विधायक हैं?
यहसवाल आप उनसे पूछिए। मैं और ज्यादा सवालों के जवाब नहीं दे पाऊंगी।
{रिजल्टके बाद आपके पति ने कहा कि कार्यकर्ताओं ने आपका साथ नहीं दिया...
उन्होंनेऐसा क्यों कहा, मुझे नहीं मालूम। पार्टी समीक्षा कर रही है। वही जवाब देगी।
{केजरीवालकी शपथ में जाएंगी?
बुलावाआएगा तो सोचेंगे।
{आपनेकहा था हारी तो हार्वर्ड चली जाऊंगी..
नहीं,मैं दिल्ली के लिए 40 वर्षों से काम कर रही हूं, आगे भी करूंगी। मुझे भाजपा के साथ काम करने पर गर्व है।