शपथ से पहले ही फुल एक्शन में केजरीवाल
{आप संयोजक ने शपथ समारोह की तैयारियों की जानकारी ली
{पहली कैबिनेट बैठक में ले सकते हैं कई अहम फैसले
अनिरुद्धशर्मा नई दिल्ली
आमआदमी पार्टी (आप) संयोजक अरविंद केजरीवाल शपथ लेने से पहले ही फुल एक्शन में गए हैं। केजरीवाल बुधवार को दिनभर व्यस्त रहे। केंद्रीय शहरी विकास मंत्री वैंकेया नायडू, गृह मंत्री राजनाथ सिंह के अलावा केवल राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी उप-राष्ट्रपति हामिद अंसारी से मुलाकात की बल्कि दिल्ली के चीफ सेक्रेटरी को बुलाकर आप द्वारा चुनाव में किए गए वायदों पर ब्लू-प्रिंट तैयार करने का निर्देश भी दिया। केजरीवाल ने सीएस को आप का 70 प्वाइंट मैनिफेस्टो थमाते हुए कहा कि अगले एक हफ्ते में सरकार के सभी विभाग अपने-अपने मुद्दों पर अपना एक्शन-प्लान तैयार करें। केजरीवाल ने 19 फरवरी का दिन सभी विभागों के पॉवर प्वाइंट प्रजेंटेशन के लिए तय किया है।
सीएस के साथ मुलाकात के दौरान केजरीवाल ने रामलीला मैदान में शनिवार को होने वाले शपथ ग्रहण समारोह की तैयारियों की जानकारी भी ली। सूत्रों के मुताबिक केजरीवाल मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के साथ ही अपनी पहली कैबिनेट में दिल्ली में बिजली की दरों को आधा करने के साथ बिजली कंपनियों की कैग से तेज गति से जांच कराने का फैसला ले सकते हैं। इसके अलावा हर महीने हर परिवार को 20 हजार लीटर मुफ्त पानी का फैसला भी पहली कैबिनेट में लिया जा सकता है।
मंत्रिमंडलमें शामिल हो सकते हैं नए चेहरे
आमआदमी पार्टी की पिछली सरकार में शामिल कई मंत्री इस बार शायद मंत्रिमंडल से बाहर ही रहेंगे। आप के कई मंत्रियों के चलते केजरीवाल की पिछली सरकार भारी विवादों में घिर गई थी। केजरीवाल के मंत्रिमंडल में मनीष सिसौदिया, सोमनाथ भारती सौरभ भारद्वाज का नाम बिल्कुल तय है। लेकिन राखी बिड़लान, गिरीश सोनी सत्येंद्र गर्ग के स्थान पर गोपाल राय, एसके बग्गा, वंदना कुमारी, अलका लांबा, आदर्श शास्त्री सरीखे कई नए नेताओं को मौका मिल सकता है।
रेडियोके जरिए शपथ ग्रहण का न्यौता
केजरीवालने एक रेडियो संदेश के जरिए रामलीला मैदान में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने की सबसे अपील की है। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि वहां मुख्यमंत्री मैं नहीं आप सब बनेंगे, हम दिल्ली को एक बेहतर शहर बनाने की शपथ लेंगे, इसलिए आप सब जरूर आइएगा। आम आदमी पार्टी प्रधानमंत्री से लेकर पूरे केंद्रीय मंत्रिमंडल, किरण बेदी, दिल्ली प्रदेश भाजपा के आला नेताओं को भी न्यौता देने की तैयारी कर रही है।
बनेंगेदिल्ली के पांचवें सीएम
अरविंदकेजरीवाल दिल्ली के पांचवे मुख्यमंत्री बनेंगे। वर्ष 1993 से 1998 के दौरान भाजपा की सरकार रही। मदनलाल खुराना मुख्यमंत्री बने लेकिन हवाला में नाम आने के आरोप में इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद साहिब सिंह वर्मा मुख्यमंत्री बने, जिन्हें दिल्ली चुनाव से कुछ माह पहले हटाकर भाजपा के वरिष्ठ नेता सुषमा स्वराज को सत्ता सौंपी गई। वर्ष 1998 में कांग्रेस ने 52 सीटें जीतकर शीला दीक्षित के नेतृत्व में सरकार बनाई। इसके बाद कांग्रेस ने शीला की अगुआई में दो बार और विधानसभा चुनाव जीते और वह पार्टी की मुख्यमंत्री बनी रहीं। वर्ष 2013 के चुनाव में कांग्रेस को भारी पराजय का मुंह देखना पड़ा और शीला दीक्षित को केजरीवाल ने नयी दिल्ली सीट से हरा दिया।