टूटेंगे दो लाख अवैध निर्माण
टूटेंगे दो लाख अवैध निर्माण
नई दिल्ली | एकीकृतदिल्ली नगर निगम निर्माण समिति के पूर्व चेयरमैन जगदीश ममगई ने कहा है कि दिल्ली नगर निगम की नाकामी और भ्रष्टाचार के कारण राजधानी के दो लाख अवैध निर्माण पर तोड़े जाने की तलवार लटकी है। उन्होंने दिल्ली में हुए बेतहाशा अवैध निर्माण के कारण दिल्ली के लाखों लोगों के बेघर होने के खतरे के लिए निगम दिल्ली पुलिस के भ्रष्टाचार को जिम्मेदार ठहराया और केंद्रीय शहरी विकास मंत्री से लाखों परिवारों के मकान बचाने के लिए तत्काल कानून में संशोधन करने की मांग की है। उन्होंने बताया कि दिल्ली के तीनों निगमों ने दिल्ली हाई कोर्ट में हलफनामा दायर कर दिल्ली में डेढ़ से दो लाख अवैध निर्माण होने की जानकारी दी है।
जिनके वर्तमान भवन अधिनियम के अंतर्गत नियमित किए जाने की कोई संभावना नहीं है। लिहाजा इन करीब दो लाख अवैध निर्माणों पर तोड़े जाने की तलवार लटक गई है जिससे 10 से 12 लाख लोगों के प्रभावित होने की संभावना है। ममगई ने कहा कि 2006 में भी सुप्रीम कोर्ट ने करीब 10000 अवैध निर्माण तोड़े जाने का आदेश दिया था, जिसके बाद काफी लोग उजड़ गए थे। समय रहते लाखों परिवार को बचाने के लिए केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय को अवैध निर्माणों को बचाने के तत्काल उपाय करना चाहिए।