अब कार से कैलाश मानसरोवर जाइए
भारतीययात्री अब कैलाश मानसरोवर की यात्रा कार से भी कर सकेंगे। चीन उनके लिए नया रास्ता खोलने को राजी हो गया है। प्रधानमंत्री मोदी और चीन के राष्ट्रपति जिनपिंग के बीच हुई शिखर वार्ता में इस पर सहमति बनी। खुद मोदी ने गुरुवार को संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसकी जानकारी दी।
मोदी ने बताया, ‘कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए सिक्किम के नाथुला दर्रे से नया रास्ता शुरू होगा। यह उत्तराखंड के मौजूदा रास्ते से ज्यादा सुरक्षित होगा।’ इसके अलावा दोनों देशों के बीच मुंबई को चीन के बड़े आर्थिक केंद्र शंघाई की तरह विकसित करने पर भी सहमति बनी। दोनों देशों के बीच ऐसे ही कुल 12 समझौताें पर दस्तखत हुए।जिनपिंग ने इस मौके पर कहा, ‘भारत और चीन दुनिया की आर्थिक शक्तियां हैं। जब दोनों देश बोलते हैं तो दुनिया सुनती है।’ मोदी ने कहा, ‘दोनों देशों को आर्थिक विकास की बुनियाद पर आपसी रिश्तों में नए दौर की शुरुआत करनी चाहिए।’
लेकिन निवेश में जापान से पीछे रह गया चीन
भारत-चीनके बीच अभी द्विपक्षीय कारोबार 3,960 अरब रुपए का है। पांच साल में चीन ने भारत में 20 अरब डॉलर यानी 1,200 अरब रुपए के निवेश का वादा किया है। इसके बावजूद वह जापान से पीछे रह गया। मोदी की हालिया यात्रा के दौरान जापान ने 2,100 अरब रुपए के निवेश पर सहमति जताई थी।
काम शुरू| अागरा-दिल्ली ट्रैक पर 130 किलोमीटर की रफ्तार से दौड़ा इंजन
भारत-चीनके बीच रेल विकास का करार होने से पहले ही हाईस्पीड और बुलेट ट्रेन पर काम शुरू हो चुका है। बुधवार को नौ सदस्यीय चीनी दल ने आगरा-दिल्ली रेलवे ट्रैक को परखा। डीआरएम विजय सहगल चीनी दल को ट्रेन के इंजन में बैठाकर आगरा ले गए। इंजन 130 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से रात को दिल्ली पहुंचा। रेल मंत्रालय को नई दिल्ली-चंडीगढ़ मार्ग को भी हाईस्पीड ट्रेन लायक बनाने में चीन से मदद मिल सकती है।
एक्सपर्ट व्यू|चीन से रिश्तों को सामान्य मानना अभी जल्दबाजी
विशेषज्ञोंके मुताबिक, चीन से रिश्ते सामान्य मानना अभी जल्दबाजी होगी। क्योंकि चीन अगर वास्तव में रिश्तों को आगे ले जाना चाहता तो राष्ट्रपति के दौरे पर तो सीमा से जवान वापस बुला लेता। यह कहना है, चीन और रक्षा मामलों के विशेषज्ञ रिटायर्ड मेजर जनरल अशोक मेहता का। जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी के चीनी विभाग के प्रोफेसर श्रीकांत कोंडापल्ली कहते हैं कि चीन न