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सेना के मौलवी का दावा, मुझे जय हिंद बोलने से रोका गया
भारतीयसेना के एक मौलवी ने कहा है कि उसके सीनियर ने उसके जय हिंद बोलने पर रोक लगा दी है। उसे जय हिंद की जगह ‘राम-राम’ और ‘जय माता दी’ बोलने के लिए बाध्य किया जा रहा है।
सूबेदार इशरत अली 3-राजपूताना राइफल्स में मौलवी है। अली ने राष्ट्रपति और राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग को पत्र लिखा है। इसमें कहा है कि कमांडिंग ऑफिसर ने उन्हें जय हिंद बोलने पर नोटिस दिया है। नोटिस में उन्हें ‘संकीर्ण मानसिकता से ऊपर उठने\\\' की चेतावनी दी गई है। जबकि ‘राम-राम\\\' और ‘जय माता दी\\\' हिंदुओं का धार्मिक नारा है। मौलवी होने के कारण यह नारा लगाना उनके लिए नामुमकिन है। लेकिन ऐसा करने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की चेतावनी दी गई है। सेना मुख्यालय ने इस मामले में कहा, ‘अली को जय हिंद बाेलने पर कोई नोटिस नहीं दिया गया है। नोटिस तो ‘राम-राम’ और ‘जय माता दी’ नहीं बोलने पर दिया गया है। क्योंकि यह 3-राजपूताना राइफल्स का आधिकारिक नारा है। मौलवी होने के नाते अली का काम जवानों को शिक्षा देना और प्रेरित करना है। लेकिन नारा लगाने से इनकार करना ‘संकीर्ण मानसिकता और धार्मिक कट्टरता’ का प्रतीक है।’