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मेक इन इंडिया अभियान की शुरुआत 25 से, 33 देशों में होंगे कार्यक्रम
{विज्ञान भवन में मुख्य कार्यक्रम {राज्यों की राजधानियों में भी किया जाएगा लॉन्च
अभिलाषखांडेकर|नई दिल्ली
प्रधानमंत्रीनरेंद्रमोदी आगामी गुरुवार को \\\"मेक इन इंडिया\\\' अभियान की शुरुआत करने जा रहे हैं। इसे बेहद व्यापक पैमाने पर करने की योजना है। दिल्ली के विज्ञान भवन में मुख्य कार्यक्रम होगा। यह देश के कई राज्यों की राजधानियों के साथ ही करीब 33 देशों में एक साथ लॉन्च किया जाएगा।
मैनुफैक्चरिंग के क्षेत्र में भारत को वैश्विक केंद्र बनाने, रोजगार जुटाने और अर्थव्यवस्था को मजबूती देने की यह पहल है। प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने विदेशी निवेश के लिए उद्योग बिजनेस से जुड़े करीब 25 सेक्टरों को मंजूरी दी है। मोदी खुद इससे संबंधित प्रजेंटेशन कम से कम तीन बार देख चुके हैं। एक अधिकारी के मुताबिक मोदी के साफ निर्देश हैं कि अभियान को दायरा व्यापक होना चाहिए। शेषपेज|4
इतनाकि विश्व की शीर्ष आर्थिक शक्तियां उठ खड़ी हों। वे अपने बिजनेस के लिए भारत को अहम पड़ाव के तौर पर देखने लगें। इस समूचे अभियान का मुख्य जिम्मा उद्योग वाणिज्य सचिव अमिताभ कांत को सौंपा गया है। वे इनक्रेडिबल इंडिया दिल्ली मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरीडोर सरीखे बड़े प्रोजेक्ट से जुड़े रहे हैं।
निवेश के लिए सिंगल विंडो :
प्रधानमंत्री मोदी ने सभी मंत्रालयों से कहा है कि वे 25 सितंबर से अपने काम-काज के तरीके बदल लें। उनसे बिजनेस फ्रेंडली बनने सिंगल विंडो सिस्टम अपनाकर नए निवेशकों का स्वागत करने को कहा गया है। ताकि निवेशकों को मंत्रालयों के चक्कर लगाने पड़ें। इसकी बजाय ऑनलाइन महज एक ही फार्म भरने की औपचारिकता निभाकर काम हो जाए।
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इन सेक्टरों में विदेशी निवेश को मंजूरी :
ऑटोमोबाइल, टेक्सटाइल, ऑटो कम्पोनेंट, फार्मास्यूटिकल, फूड प्रॉसेसिंग , इलेक्ट्रॉनिक्स, रेलवे, पोर्ट, टूरिज्म पावर।
निवेशकों के लिए वेबसाइट
मोदी25 सितंबर को ही एक वेबसाइट भी लॉन्च करेंगे। इससे भारत में निवेश करने वाले उद्योगपतियों को आसानी हो सके। सीआईआई, फिक्की एसोचैम जैसे संगठनों से भी कहा गया है कि अभियान के तहत विदेशी निवेश आने में कोई अड़चन हो। मोदी सरकार की रुचि इसमें है कि निर्यात बढ़े। देश का विदेशी मुद्रा भंडार बढ़े और ग्लोबल ब्रांड भारत आएं।