सामाजिक बदलाव ला सकते हैं युवा : एलएफटी
देशके युवा कल के नेता हैं। वे व्यापक सामाजिक परिवर्तन की सामर्थ्य रखते हैं। वृक्षारोपण अभियान, स्वच्छता अभियान, वृद्धाश्रमों में जाना और वंचित बच्चों के लिए कौशल विकास कार्यक्रमों के जरिए युवा उस समाज में परिवर्तन ला सकते हैं, जिसमें वे रहते हैं। यह कहना है ‘लीडर्स फाॅर टूमारो’ नामक गैर लाभकारी संगठन के संस्थापक विनय जॉब का। विनय जॉब ‘लीडर्स फॉर टूमारो’ द्वारा नेहरू प्लेस पार्क में आयोजित समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस संगठन ने करीब एक लाख से अधिक युवाओं को स्वयंसेवा के लिए आकर्षित किया है। नेहरू पार्क में आयोजित समारोह में करीब 250 से ज्यादा युवा शामिल हुए थे। इस कार्यक्रम का उद्देश्य स्वयंसेवी कार्य के जरिए सामाजिक कार्य को बढ़ावा देना था। कार्यक्रम में शामिल होने वाले बच्चे राजधानी के विभिन्न विश्वविद्यालय और कालेजों के छात्र हैं।
विनय जॉब ने कहा कि एलएफटी की भारी सफलता को देखते हुए लगता है कि युवाओं को अगर मंच उपलब्ध कराया जाए तो वे सामाजिक बदलाव ला सकते हैं। इससे सिर्फ युवा सामाजिक रूप से जिम्मेदार बनते हैं बल्कि उन्हें सामान्य गतिविधियों के जरिए बदलाव लाने का मौका मिलता है। उन्होंने कहा कि बदलाव हमसे शुरू होता है। सरकार वृक्षारोपण और पर्यावरण को शुद्ध करने के लिए करोड़ों रुपए खर्च करती है। लेकिन एलएफटी से जुड़े युवा इस कार्य को बिना किसी खर्च के वृहद रूप में पूरा कर रहे हैं। एलएफटी से जुड़े युवाओं को समाज को बेहतर बनाने के लिए प्रेरित किया जाता रहा है।
एलएफटी की जनरल मैनेजर उमा पार्वती ने कहा कि देश के युवाओं ने यह साबित किया है कि वे अपने छोटे से प्रयासों से केवल अपनी जिंदगी में बदलाव ला सकते हैं बल्कि दूसरों की जिंदगी भी बदल सकते हैं। एलएफटी के दिल्ली प्रभारी सिद्धार्थ ने कहा कि पांच साल की छोटी सी अवधि में एलएफटी क्लासरूम एक्टीविटी से बढ़कर युवाओं का एक अभियान बन चुकी है। संगठन ने सामाजिक कार्रवाई, सामुदायिक नेतृत्व और स्वयंसेवी कार्य के जरिए सकारात्मक बदलाव के लिए एक लाख से अधिक युवाओं को प्रेरित किया है। कार्यक्रम के दौरान जम्मू एवं कश्मीर में आई प्राकृतिक आपदा से पीड़ितों के लिए कपड़े और खाने का सामान भी एकत्रित किया गया।
उल्लेखनीय है कि एलएफटी देश के करीब सात लाख कालेजों में सत्र शुरू होने के समय एंटी ड्रग और एंटी रैगिंग अभियान चलाती है। संस्था