- Hindi News
- नक्सलियों के खिलाफ ‘डॉग कमांडो’ उतारने की तैयारी
नक्सलियों के खिलाफ ‘डॉग कमांडो’ उतारने की तैयारी
एजेंसी | नई दिल्ली नक्सलविरोधी अभियानों में जवानों को लैंडमाइंस के हमलों से बचाने और नक्सली हमले की पूर्व चेतावनी देने के लिए 100 कुत्तों का स्पेशल स्क्वॉड तैयार किया जा रहा है। डॉग्स का यह दस्ता छापेमारी और गश्ती के दौरान जवानों के साथ जाएगा। इन कुत्तों को \\\'कमानडॉग्स\\\' कहा जाता है क्योंकि वह मानव कमांडो के जैसे होते हैं। इन कुत्तों को चंडीगढ़ स्थित आईटीबीपी और बेंगलुरु के पास तरालू में सीआरपीएफ के विशेष प्रशिक्षण संस्थानों में ट्रेनिंग दी जा रही है। दुश्मन का पता लगाने और छापेमारी के लिए इन कुत्तों का प्रयोग किया जाता है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने आईटीबीपी और सीआरपीएफ जैसे अर्द्धसैनिक बलों की सलाह से नई योजना तैयार की है। इसके तहत माओवादी हिंसा से प्रभावित इलाकों में पैदल गश्त करने वाले जवानों के साथ कुत्ते भी होंगे।
आईटीबीपी ने भारत में सबसे पहले 2011 में बेल्जियन शेफर्ड डॉग \\\'मैलिनोइस\\\' की सेवा ली थी। आईटीबीपी को इन विशेष नस्ल के कुत्तों के प्रशिक्षण का काम सौंपा गया है। सरकार की योजना नक्सल प्रभावित राज्यों में तैनात आईटीबीपी, सीआरपीएफ, बीएसएफ और एसएसबी की हर पलटन के साथ कम से कम इस तरह का एक कुत्ता तैनात करने की है। हम बाद में हर टुकडी के साथ प्रति इकाई चार कुत्ते तैनात कर देंगे क्योंकि हर बटालियन की कई इकाइयां एक ही समय पर काम पर निकलती हैं।
उधर उड़ीसा में कंधमाल जिले के जंगल में रविवार को सुरक्षाबलों ने एक माओवादी शिविर को नष्ट कर दिया गया और वहां से कुछ हथियार और नक्सली साहित्य जब्त किया गया।
एसपीजी से ट्रेनिंग लेगा एनएसजी
देशमें सर्वाधिक जोखिम का सामना करने वाले वीवीआईपी की सुरक्षा करने वाला एनएसजी कमांडो अपने कामकाज के कौशल को बढ़ाने वाला है। फिलहाल 15 वीवीआईपी को सुरक्षा प्रदान कर रहे एनएसजी ने एसपीजी से अपने कामकाज का \\\'लेखांकन\\\' करने और इसके कमांडो को चुस्ती फुर्ती के साथ काम करने के लिए कुछ \\\'टिप्स\\\' देने को कहा है। एसपीजी प्रधानमंत्री और उनके परिवार को सुरक्षा प्रदान करता है।