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युवक के बाघ का शिकार होने के बाद अधिकारियों ने की समीक्षा
नई दिल्ली | चिड़ियाघरमें 20 साल के युवक के सफेद बाघ का शिकार हो जाने के एक दिन बाद पर्यावरण और वन मंत्रालय तथा केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण के दलों ने बुधवार को चिड़ियाघर में दर्शकों के लिए सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की। ये दल पर्यावरण मंत्रालय और केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण के शीर्ष अधिकारियों को मंगलवार की घटना, उसकी परिस्थितियों के बारे में रिपोर्ट देंगे और यह भी बताएंगे कि किन तरीकों से इस घटना से बचा जा सकता था। उधर, पुलिस ने इस मामले में अज्ञात लोगों के खिलाफ गैरइरादतन हत्या का मामला दर्ज किया है। राष्ट्रीय प्राणी उद्यान के क्यूरेटर आरए खान ने यह जानकारी दी। मंगलवार को दिल्ली के चिड़ियाघर में यह भयावह घटना सामने आई थी। सफेद बाघ के बाड़े में गिर गए 20 साल के मकसूद को बाघ ने मार डाला था। सात साल के बाघ विजय को बुधवार को उसके पिंजड़े से बाहर नहीं निकाला गया। उस पर अगले दो तीन दिन तक निगरानी रखी जाएगी। बाघ का जन्म 2007 में चिड़ियाघर में ही हुआ था और वह अब सामान्य व्यवहार कर रहा है। क्यूरेटर ने बताया कि उसने मंगलवार शाम 4.30 बजे और बुधवार को भी अपनी सामान्य खुराक के तौर पर भैंस का 10 किलो मांस खाया था।
चिड़ियाघर के डॉक्टरों ने उसकी जांच की और पूरी तरह सामान्य पाया।
इस घटना का एक मिनट 20 सेकेंड का एक वीडियो सामने आया है जिसमें देखा जा सकता है कि बाघ युवक को कई बार पंजे मार रहा है और आखिर में शोर मचा रहे दर्शकों के बीच में से पत्थर गिरने के बाद चिढ़कर वह मकसूद को जबड़े में दबाकर ले जाता है और मार डालता है। खान ने कहा कि अगर लोगों ने शोर नहीं मचाया होता तो वे उसे पिंजड़े में खाना डालने का संकेत देकर वापस बुला लेते। बाघ युवक को नुकसान पहुंचाए बिना पिंजड़े में लौट आता। लोग कह रहे हैं कि बाघ को बेहोश किया जा सकता था लेकिन उन्हें पता होना चाहिए कि इसमें भी 15 मिनट लगते हैं। उन्होंने कहा कि उनकी ओर से सुरक्षा में कोई खामी नहीं रही।