जेएसपीएल और हिंडाल्को पर सर्वाधिक असर
सुप्रीमकोर्ट द्वारा 214 कोल ब्लॉक का आवंटन रद्द करने से कमोबेश हर बड़ी मेटल और माइनिंग कंपनी प्रभावित होगी। लेकिन सबसे ज्यादा असर नवीन जिंदल की जिंदल स्टील एंड पावर (जेएसपीएल) और बिड़ला समूह की हिंडाल्को पर होगा।
जेएसपीएल को स्पंज आयरन और पावर प्लांट के लिए छह कोल ब्लॉक का आवंटन हुआ था। सारे आवंटन रद्द हो गए हैं। इसके अलावा कंपनी का अब अंगुल स्टील पावर प्रोजेक्ट भी प्रभावित होगा। इसके लिए खनन अधिकार मिलने में और वक्त लगेगा। आदित्य बिड़ला समूह की कंपनी हिंडाल्को को 1994 में उड़ीसा में तलबीरा-1 और 2005 में तलबीरा-2 ब्लॉक आवंटित हुए थे। कंपनी की एक तिहाई कोयले की जरूरत तलबीरा-1 से पूरी होती है। साल 2006 में कंपनी मध्य प्रदेश में महान ब्लॉक मिला था। इसके रद्द होने से नई स्मेल्टर यूनिट पर भी प्रश्न चिन्ह लग गया है। अन्य प्रभावित होने वाली कंपनियों में बाल्को, हिंदुस्तान जिंक, नाल्को, टाटा स्टील, जेएसडब्लू स्टील शामिल हैं। स्टील अथॉरिटी को झरिया में मिला टसरा कोल ब्लॉक तो बच गया लेकिन सीतानाला ब्लॉक उससे छिन गया है।
इस बीच पूर्व कोयला सचिव पीसी पारेख ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले का असर अर्थव्यवस्था पर कितना पड़ेगा, यह सरकार द्वारा किए जाने वाले त्वरित उपायों पर निर्भर करेगा। उन्होंने कहा कि कोयला ब्लॉकों के आवंटन की नई प्रक्रिया कैसी होगी इसका भी असर पड़ेगा।
एसोसिएशन ऑफ पावर प्रोड्यूसर्स (एपीपी) के महानिदेशक अशोक खुराना ने कहा कि सब कुछ अगले छह महीने पर निर्भर करता है। अगर सरकार समय रहते सही फैसला करती है तो नुकसान ज्यादा नहीं होगा।
बैंकों को एनपीए का डर---
जानकारों की राय में इस फैसले से अर्थव्यवस्था भी भंवर में फंस सकती है। पहली जून 2014 तक आयरन और स्टील कंपनियों पर बैंकों का 2.65 लाख करोड़ रुपए का कर्ज था। बिजली कंपनियों पर बैंकों का कुल कर्ज पांच लाख करोड़ का है। हालांकि सारा कर्ज रद्द हुए ब्लॉक से संबंधित नहीं है।
रद्द कोल ब्लॉक से जुड़े पावर प्लांट को बैंकों ने एक लाख करोड़ का कर्ज दे रखा है। ज्यादातर बैंकों ने कहा है कि वे अभी फंसे कर्ज का आकलन कर रहे हैं। आईडीबीआई बैंक के सीएमडी एमएस राघवन ने कहा कि इस फैसले से बैंक का 2,000 करोड़ रुपए का कर्ज फंस सकता है। सभी बैंकों को एनपीए बढ़ने का डर सता रहा है। इससे उनका मुनाफा तो प्रभावित होग